पीबीएम हॉस्पिटल की अव्यवस्थाओं पर डोटासरा के नेतृत्व में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का किया घेराव

राजनीति

डोटासरा-जूली ने सरकार पर बोला हमला; बैरिकेडिंग लांघने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया

बीकानेर // पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की मौत और अस्पताल की अव्यवस्थाओं के विरोध में सोमवार को कांग्रेस ने बड़ा आंदोलन करते हुए कर्मचारी मैदान में जनसभा आयोजित की। सभा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित जिले के विधायक, पूर्व मंत्री, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। जनसभा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट की ओर कूच कर घेराव किया। इस दौरान कई कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया।
आंदोलन को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। आरएसी, स्पेशल पुलिस फोर्स के जवानों के साथ बैरिकेडिंग की गई तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस छोड़ने वाले वाहन भी तैयार रखे गए।

सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की योजनाओं के नाम तक पसंद नहीं हैं। उन्होंने प्रसूताओं को कथित रूप से पानी के इंजेक्शन लगाए जाने के मामले को “हत्या” करार देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि पीबीएम अस्पताल की बदहाली पर भाजपा नेताओं की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण है और चिकित्सा मंत्री के बयान यह दर्शाते हैं कि उनकी संवेदनशीलता समाप्त हो चुकी है।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि प्रदेश में सरकारी अस्पतालों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि लोग इलाज के लिए जाने से डरने लगे हैं। कहीं गलत ब्लड चढ़ाया जा रहा है, कहीं ऑक्सीजन की कमी है, कहीं 108 और 104 एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित हैं तो कहीं डॉक्टरों का अभाव है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने चिरंजीवी योजना, निशुल्क दवा, निशुल्क जांच और आरजीएचएस जैसी योजनाएं शुरू की थीं, लेकिन वर्तमान सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह कमजोर कर दिया है।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बयान पर पलटवार करते हुए टीकाराम जूली ने कहा कि जब शिक्षा मंत्री के अपने पोते निजी स्कूल में पढ़ रहे हैं तो निकम्मापन किसका है। उन्होंने यमुना जल समझौते को लेकर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि राजस्थान को केवल चार महीने पानी मिलेगा और इसके लिए 33 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने आरोप लगाया कि सरकार ने ब्लैकलिस्टेड कंपनियों से दवाइयां खरीदीं, जिसकी लापरवाही के कारण दो महिलाओं की जान चली गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आईसीयू के लिए खरीदे गए मल्टीपैरा मॉनिटर बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर खरीदे गए, लेकिन इसके बावजूद अस्पताल की व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हुआ।

सभा के दौरान उस समय अलग माहौल बन गया जब गोविंदराम मेघवाल मंच पर संबोधन देने पहुंचे। इस दौरान डूडी समर्थकों ने लगातार “डूडी अमर रहें” के नारे लगाए। प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने कई बार कार्यकर्ताओं से शांत रहने की अपील की और मेघवाल को अपनी बात रखने का आग्रह किया, लेकिन पूरे संबोधन के दौरान नारेबाजी जारी रही।

आंदोलन के बाद कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा, आईजी ओमप्रकाश, जिला कलक्टर निशांत जैन और एसपी मृदुल कच्छावा से मिला तथा पीबीएम अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस प्रतिनिधिमंडल में शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल, देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग, डॉ. बी.डी. कल्ला, भंवर सिंह भाटी और विधायक शिमला नायक शामिल रहे। हालांकि प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली प्रतिनिधिमंडल के साथ अधिकारियों से मिलने नहीं गए।