जनसहभागिता से ही सुरक्षित रहेंगी सांस्कृतिक धरोहरें: राजेंद्र जोशी

समाज

विश्व संग्रहालय दिवस पर गंगा राजकीय संग्रहालय में संगोष्ठी, विरासत संरक्षण में आमजन की भूमिका पर मंथन

बीकानेर // विश्व संग्रहालय दिवस के अवसर पर सोमवार को गंगा राजकीय संग्रहालय में ‘पुरातत्व एवं संग्रहालय के विकास में जन सहभागिता’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने संग्रहालयों को संस्कृति और इतिहास का जीवंत केंद्र बताते हुए इनके संरक्षण एवं विकास में आमजन की भागीदारी को जरूरी बताया।

संगोष्ठी की अध्यक्षता संग्रहालयाध्यक्ष राकेश शर्मा ने की। मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवि-कथाकार राजेंद्र जोशी तथा विशिष्ट अतिथि रेडक्रॉस सोसायटी के स्टेट उपाध्यक्ष विजय खत्री रहे।

अध्यक्षीय उद्बोधन में राकेश शर्मा ने कहा कि संग्रहालय हमारी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि जन सहयोग के बिना पुरातात्विक धरोहरों का संरक्षण संभव नहीं है। आमजन की सहभागिता से ही नई पीढ़ी तक संस्कृति और इतिहास को प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सकता है।
मुख्य अतिथि राजेंद्र जोशी ने कहा कि संग्रहालय केवल प्राचीन वस्तुओं के संग्रह स्थल नहीं, बल्कि समाज की सांस्कृतिक स्मृतियों के केंद्र हैं। साहित्य, इतिहास और संस्कृति का आपसी संबंध समाज को अपनी जड़ों से जोड़ता है। उन्होंने युवाओं से संग्रहालयों से जुड़ने और विरासत संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

विशिष्ट अतिथि विजय खत्री ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से संग्रहालयों को अधिक जीवंत बनाया जा सकता है। सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में समाज की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी सरकार की। संगोष्ठी का संचालन विष्णु शर्मा ने किया। कार्यक्रम में संग्रहालय से जुड़े अधिकारी, साहित्यकार, शिक्षाविद एवं शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।