युवा संवाद में विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर मंथन

शिक्षा

बीकानेर। विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय एवं प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने तथा युवा प्रतिभाओं को अपनी सोच, नेतृत्व क्षमता, नवाचार एवं रचनात्मक विचारों को प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से बीकानेर में विकसित भारत युवा लीडर्स डायलॉग 2027 के अंतर्गत युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डूंगर महाविद्यालय एवं विद्यालय के विद्यार्थियों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान श्री कपिल नयाल, वैज्ञानिक-डी, NIELIT बीकानेर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें भविष्य की तकनीकों और बदलती हुई तकनीकी दुनिया की संभावनाओं से परिचित कराया। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल तकनीक, नवाचार एवं उभरती हुई भविष्य की तकनीकों के बारे में विद्यार्थियों के साथ अपना विजन साझा किया। उन्होंने युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनने, निरंतर नई चीजें सीखने और अपनी रचनात्मक सोच को नवाचार में बदलने के लिए प्रेरित किया। श्री नयाल ने कहा कि आने वाला समय तकनीक आधारित होगा और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की तकनीकी समझ, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उनके संबोधन ने विद्यार्थियों को भविष्य की संभावनाओं को समझने और राष्ट्र निर्माण में तकनीक के प्रभावी उपयोग के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के समन्वयक प्रशांत जोशी एवं सह-समन्वयक गोपाल जोशी ने भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय युवा महोत्सव—विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2027 के अंतर्गत युवाओं के लिए आयोजित की जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। प्रशांत जोशी ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अभियान के पांच चरणों एवं पंजीकरण प्रक्रिया को सरल शब्दों में समझाया। युवाओं को माई भारत पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कर आगामी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर श्री डूंगर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र पुरोहित ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से कृषि, शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक विकास जैसे क्षेत्रों में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को गति मिल सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी प्रतिभा, सकारात्मक सोच, नवाचार एवं नेतृत्व क्षमता का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में अभियान के विभिन्न चरणों में क्विज, निबंध, प्रस्तुतीकरण एवं अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं के आयोजन की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में टीम सदस्य पवन खत्री, हरिहर राजपुरोहित, रामकिशन गोदारा एवं अमरदीप गोदारा सहित महाविद्यालय एवं विद्यालय के शिक्षक तथा अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को 2047 तक विकसित भारत के संकल्प से जोड़ना तथा उनमें राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी, नेतृत्व क्षमता, नवाचार और सकारात्मक सोच विकसित करना रहा।