दीपावली के बीच चुनाव ड्यूटी, कर्मचारियों की बढ़ी चिंता

प्रशासन

तीसरे चरण के कार्यक्रम पर पुनर्विचार की मांग,

बीकानेर // चुनाव कार्यक्रम के तीसरे चरण को लेकर शिक्षक एवं कर्मचारी वर्ग में चिंता सामने आई है। 3 से 7 नवंबर तक प्रस्तावित तीसरे चरण के बीच 6 नवंबर को धनतेरस और 7 नवंबर को छोटी दीपावली है, जबकि 8 नवंबर को दीपावली का पर्व है। ऐसे में तीसरे चरण में ड्यूटी लगाने वाले कर्मचारियों के सामने चुनावी दायित्व के साथ दीपावली की तैयारियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर चुनौती रहेगी।

शिक्षकों के लिए यह चुनौती और बढ़ गई है, क्योंकि इसी अवधि में अर्धवार्षिक परीक्षाओं एवं खेलकूद प्रतियोगिताओं सहित विद्यालयी गतिविधियां भी प्रस्तावित हैं। तथा शिक्षक गृह जिले से बाहर पदस्थापित होने के कारण चुनाव ड्यूटी, परीक्षा एवं अन्य विद्यालयी दायित्वों के बीच समन्वय करना कठिन होगा।

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान विद्यालय शिक्षा के प्रदेश सचिव रवि आचार्य ने कहा कि चुनाव ड्यूटी कर्मचारियों का महत्वपूर्ण दायित्व है, लेकिन कार्यक्रम तय करते समय प्रमुख पर्व-त्योहारों और कर्मचारियों की पारिवारिक जिम्मेदारियों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

धनतेरस से दीपावली के बीच चुनावी ड्यूटी होने से कर्मचारियों को परेशानी होगी।

महिला सचिव श्रीमती चन्द्रकला ने कहा कि चुनाव आयोग को मानवीय एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए तीसरे चरण के कार्यक्रम पर पुनर्विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दीपावली के साथ अर्धवार्षिक परीक्षा और खेलकूद प्रतियोगिताओं का समय भी होने से शिक्षकों के सामने दोहरी चुनौती है। चुनाव ड्यूटी के कारण शिक्षक अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने, खरीदारी करने और आवश्यक तैयारियां पूरी करने से वंचित रह सकते हैं। साथ ही, विद्यालयों में परीक्षा एवं प्रतियोगिताओं की व्यवस्थाएं प्रभावित होने की आशंका भी है।

महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ओमप्रकाश बिश्नोई ने चुनाव आयोग से मांग की कि तीसरे चरण की तिथियों की समीक्षा कर ऐसी वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, जिससे कर्मचारियों को प्रमुख त्योहारों के दौरान ड्यूटी से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए कर्मचारियों का सहयोग आवश्यक है, लेकिन उनकी भावनाओं, पारिवारिक दायित्वों और विद्यालयी कार्यों को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील निर्णय लिया जाना चाहिए।

गृह जिले से बाहर कार्यरत शिक्षकों को विशेष शिथिलता देने की मांग

प्रदेश सचिव रवि आचार्य ने निर्वाचन आयोग से मांग की कि मध्यावधि अवकाश के दौरान चुनावी प्रशिक्षण या ड्यूटी के कारण गृह जिले से बाहर कार्यरत शिक्षकों को घर जाने से वंचित न किया जाए। ऐसे शिक्षकों को अवकाश अवधि में गृह जिले जाने के लिए विशेष शिथिलता दी जाए और उनकी चुनावी ड्यूटी का समायोजन स्थानीय स्तर पर या वैकल्पिक तिथियों में किया जाए।

मंडल सयुक्त मंत्री विनोद पुनिया ने कहा कि यह मांग चुनावी जिम्मेदारी से बचने की नहीं, बल्कि चुनावी कार्यक्रम में मानवीय और व्यावहारिक समायोजन की है। इससे कर्मचारी लोकतांत्रिक दायित्व निभाने के साथ परिवार के साथ दीपावली भी शांतिपूर्वक मना सकेंगे।