



हल्दीराम एजुकेशनल सोसायटी ने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को किया सम्मानित
बीकानेर // महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, मुरलीधर व्यास नगर में परीक्षा परिणाम घोषणा के साथ मेगा पीटीएम एवं गणगौर महोत्सव 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन हल्दीराम एजुकेशनल सोसायटी, नई दिल्ली के सहयोग से हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रमुख समाजसेवी एवं हल्दीराम एजुकेशनल सोसायटी के चिकित्सा एवं शिक्षा प्रतिनिधि रमेश कुमार अग्रवाल तथा विशिष्ट अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी किशनदान चारण उपस्थित रहे। अतिथियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए शिक्षा के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों के महत्व पर जोर दिया।
इस अवसर पर गणगौर साज-श्रृंगार, पारंपरिक नृत्य, गायन एवं वेषभूषा सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को हल्दीराम एजुकेशनल सोसायटी द्वारा पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रमेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि हल्दीराम एजुकेशनल सोसायटी लंबे समय से सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक एवं आधारभूत स्थिति को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए समाज की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। अग्रवाल ने कहा कि समिति द्वारा बीकानेर में पांच बालिका स्कूलों को गोद लिया गया है जहां पर विशेष रूप से गुणवत्ता पूर्ण कार्य करने का संकल्प दोहराया जा रहा है उन्होंने कहा कि सरकार और भामाशाह मिलकर ही किसी भी स्कूल की दिशा को बदल सकते हैं ऐसे में समिति द्वारा पिछले कई वर्षों से कार्य किया जा रहा है उन्होंने उत्कृष्ट परिणाम के लिए बच्चों और अभिभावकों को बधाई दी साथी उन्होंने गणगौर महोत्सव में भागीदारी निभाने के लिए प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी साथी उन्होंने कहा कि बीकानेर शहर जो छोटी काशी के नाम से जाना जाता है वहां पर सांस्कृतिक विरासत और संस्कृति के महत्व को उजागर करने वाले प्रमुख को बहुत ही उमंग और उत्साह के साथ मनाया जाता है ऐसा ही नजर आज भी देखने को मिला उन्होंने कहा कि हमें शिक्षा खेल के साथ-साथ रचनात्मक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी इसी तरह भागीदारी निभाती रहना चाहिए उन्होंने कहा कि शिक्षकों का यह कर्तव्य है कि वह बिना किसी बात को ध्यान में रखते हुए केवल विद्यार्थियों के सरमंगीन विकास के लिए कार्य करें जिससे भविष्य में सुखद परिणाम आने की पूरी संभावना रहती हैकार्यक्रम में विद्यालय स्टाफ, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।




