




महिला उद्यमियों के उत्पादों ने खींचा आकर्षण, 40 से अधिक शैक्षणिक संस्थाएं सम्मानित; 26 अगस्त को पुष्करणा दिवस पर मां उष्ट्रवाहिनी पूजन से लेकर भजन संध्या तक होंगे आयोजन
बीकानेर // पुष्करणा समाज के उत्पत्ति दिवस के उपलक्ष्य में इस बार पहली बार नवाचार करते हुए पांच दिवसीय कार्यक्रमों की शुरुआत शनिवार को पुष्करणा मेले के साथ हुई। पुष्करणा स्टेडियम में आयोजित मेले का शुभारंभ गोकुल जोशी, डॉ. सत्यप्रकाश आचार्य और अखिल भारतीय पुष्टिकर सेवा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रूपकिशोर व्यास ने फीता खोलकर किया। अतिथियों ने मां उष्ट्रवाहिनी का पूजन कर मेले का अवलोकन किया तथा महिला उद्यमियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की खरीदारी कर उनका उत्साहवर्धन किया।
अतिथियों ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐसे आयोजन आज की आवश्यकता हैं। इस प्रकार के मेले महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का मंच देने के साथ-साथ नई महिलाओं को भी उद्यमिता के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने ऐसे आयोजनों की निरंतरता बनाए रखने का आह्वान किया।
राजस्थानी गीतों ने बांधा समां
श्री पुष्करणा प्रन्यास एवं आयोजन समिति के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन शाम को पारंपरिक गीतों का आयोजन हुआ। महिलाओं ने ‘केसरिया बालम आओ नी, पधारो म्हारे देश…’ सहित विभिन्न राजस्थानी एवं पारंपरिक गीतों की प्रस्तुतियां देकर माहौल को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया। गीतों की प्रस्तुतियों पर मौजूद लोग मंत्रमुग्ध नजर आए।
40 से अधिक शैक्षणिक संस्थाओं का सम्मान
आयोजन समिति के अनिल आचार्य ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान समाज की 40 से अधिक शैक्षणिक संस्थाओं को सम्मानित किया गया। पूर्व शिक्षा अधिकारी विजय शंकर आचार्य, रमेश हर्ष एवं महेश जोशी ने संस्थाओं के प्रतिनिधियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए।
आगे ये होंगे प्रमुख आयोजन
आयोजन सचिव अनिल पुरोहित ने बताया कि रविवार को दोपहर में रंगोली प्रतियोगिता तथा शाम को हास्य कवि सम्मेलन होगा। इसी वर्कर 24 अगस्त को मेहंदी-मांडना प्रतियोगिता, साहित्यकार-पत्रकार सम्मान समारोह एवं संगोष्ठी आयोजित होगी। फिर 25 अगस्त को महिलाओं के लिए पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता होगी। शाम को दीपदान, वरिष्ठ अधिवक्ताओं का सम्मान एवं संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।
26 अगस्त को पुष्करणा दिवस के मुख्य आयोजन होंगे। सुबह मां उष्ट्रवाहिनी का पूजन किया जाएगा। इसके बाद ‘आया सावन झूम के’ पारंपरिक नृत्य, वेद पाठ, भजन संध्या एवं महाप्रसाद का आयोजन होगा।
आयोजन में इनका रहा सानिध्य
उद्घाटन अवसर पर रासबिहारी जोशी, एडवोकेट सोमदत्त पुरोहित, भंवर पुरोहित, राजीव हर्ष, जयनारायण बिस्सा, बद्रीदास जोशी, महेंद्र व्यास, वीरेंद्र किराड़ू, सुभाष जोशी, दिनेश चूरा, रवि आचार्य, राजकुमारी व्यास, आरती आचार्य, शिवराज व्यास, किशोर आचार्य, शारदा पुरोहित, ओकार हर्ष, नागू भा पुरोहित, सेनूका हर्ष, सुमन ओझा, प्रेमशंकर रंगा, नवरत्न व्यास, शशि व्यास, विजय भादाणी एवं विजय पुरोहित सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



