श्रुति व्यास को विधि विषय में पीएचडी की उपाधि के लिए मिली स्वीकृति

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‘भारत में साइबर सुरक्षा, डेटा संरक्षण और न्यायिक प्रवृत्तियां : कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विशेष संदर्भ में’ विषय पर किया शोध

श्रीगंगानगर। टांटिया विश्वविद्यालय, श्रीगंगानगर की ओर से श्रुति व्यास को विधि विषय में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी अनंतिम प्रमाण-पत्र (प्रोविजनल सर्टिफिकेट) के अनुसार, श्रुति व्यास द्वारा प्रस्तुत शोध प्रबंध को विश्वविद्यालय के अध्यक्ष ने 9 अक्टूबर 2026 को अनुमोदित किया।

श्रुति व्यास ने “साइबर सिक्योरिटी एंड डेटा प्रोटेक्शन विद ज्यूडिशियल ट्रेंड: ए स्पेशल रेफरेंस टू आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन इंडिया” विषय पर अपना शोध प्रबंध 23 जून 2026 को प्रस्तुत किया था। शोध का विषय भारत में साइबर सुरक्षा, डेटा संरक्षण और न्यायिक प्रवृत्तियों का कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के विशेष संदर्भ में अध्ययन है।

विश्वविद्यालय की ओर से 22 अक्टूबर 2026 को जारी प्रमाण-पत्र में उल्लेख किया गया है कि यह स्वीकृति विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के वर्ष 2022 के एमफिल/पीएचडी उपाधि प्रदान करने संबंधी न्यूनतम मानक एवं प्रक्रिया विनियमों के प्रावधानों के अनुरूप जारी की गई है। प्रमाण-पत्र के अनुसार, औपचारिक उपाधि दीक्षांत समारोह में प्रदान की जाएगी।
इस प्रमाण-पत्र पर परीक्षा नियंत्रक एवं शोध निदेशक के हस्ताक्षर अंकित हैं।