


भगवान महावीर कथा में संगठन, सहयोग और आत्मसंयम का दिया संदेश; महिला, युवा व बालिका मंडल की बैठक बुधवार को होगी
बीकानेर । श्री जैन महात्मा सभा संस्थान, बीकानेर के तत्वावधान में गौड़ी पार्श्वनाथ जैन मंदिर के विशाल परिसर में आयोजित भगवान श्री महावीर कथा के दौरान डॉ. राष्ट्रसंत जैन आचार्य दिव्यानंद महाराज साहब (निराले बाबा) ने कहा कि “संगठन में ही शक्ति होती है।” जब लोग किसी साझा लक्ष्य के लिए एकजुट होकर कार्य करते हैं तो असंभव प्रतीत होने वाले कार्य भी सहजता से संभव हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल कहावत नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के जीवन में प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देने वाला सत्य है।
राष्ट्रसंत निराले बाबा ने कहा कि भगवान महावीर स्वामी ने अपनी पांचों इन्द्रियों को संगठित कर मन पर विजय प्राप्त की, तभी वे प्रभु महावीर कहलाए। उन्होंने कहा कि आत्मसंयम, अनुशासन और संगठन ही व्यक्ति को महानता की ओर ले जाते हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े पारिवारिक या सामाजिक कार्य में सामूहिक सहयोग से तनाव कम होता है और उत्साह बढ़ता है। इतिहास इस बात का साक्षी है कि बड़े-बड़े सामाजिक परिवर्तन और आंदोलनों की सफलता संगठन की शक्ति से ही संभव हुई है। संगठित समाज का कोई भी नुकसान नहीं कर सकता।
दिव्यानंद महाराज (निराले बाबा) ने लकड़ियों के गट्ठर का उदाहरण देते हुए कहा कि एक लकड़ी को आसानी से तोड़ा जा सकता है, लेकिन कई लकड़ियों का गट्ठर तोड़ना कठिन होता है। इसी प्रकार एकता में अपार शक्ति निहित है। उन्होंने कहा कि जिस समाज या संस्था में प्रेम, सहयोग और संगठन होता है, वहां सदैव विकास, समृद्धि और शांति बनी रहती है।
संस्थान के अध्यक्ष शिव महात्मा ने कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पुखराज महात्मा, धनश्याम, अविनाश, विनोद महात्मा, दिनेश महात्मा, जितेन्द्र महात्मा, रोहित, राहुल, मधु, अनिता, अलका, धनलक्ष्मी, पदमश्री, संगीता, मुनि देवी, स्वाती महात्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। संस्थान ने बताया कि महात्मा महिला मंडल, बालिका मंडल एवं युवा मंडल की विशेष बैठक बुधवार को कथा के पश्चात गुरुदेव निराले बाबा के सानिध्य में आयोजित की जाएगी।



