



रोटरी क्लब ऑफ रॉयल्स बीकानेर तथा प्रसार के संयुक्त तत्वावधान में होगा आयोजन
बीकानेर // शहर की ऐतिहासिक मोहल्ला काव्य परंपरा को पुनः जीवंत किया जाएगा। इसके पहले चरण में सितंबर से लेकर अगले वर्ष अगस्त तक शहर के प्रमुख मोहल्लों में प्रतिमाह ‘जन मन काव्य यात्रा’ का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत विभिन्न मोहल्लों के ‘पाटे’ मंच बनेंगे और सामने बैठे सुधि श्रोता देर रात तक कविताएं सुनेंगे।
यह आयोजन रोटरी क्लब ऑफ रॉयल्स बीकानेर और प्रसार के संयुक्त तत्वावधान में होगा। गुरुवार को स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजेंद्र बाबू दुबे ने इसके पोस्टर का विमोचन किया।
कुलगुरु प्रो. दुबे ने कहा कि आज के सोशल मीडिया के दौर में हम मंचीय काव्य परंपरा से दूर होते जा रहे हैं। यह सृजन की दृष्टि से सोचनीय है। उन्होंने कहा कि दोनों संस्थाओं द्वारा किया जा रहा यह नवाचार लोक संस्कृति को सशक्त करने की दृष्टि से सकारात्मक रहेगा। इन्होंनें कहा कि ‘जन मन काव्य यात्रा’ में अधिक से स्थानीय कवियों को प्रोत्साहित किया जाए, जिससे स्थानीय साहित्य सृजन को बढ़ावा मिले।
वरिष्ठ साहित्यकार श्री राजेंद्र जोशी ने कहा कि बीकानेर की मंचीय काव्य परंपरा अत्यंत समृद्ध है। यहां के अनेक कवियों ने देश भर में बीकानेर को गौरवान्ति किया है। जनमन काव्य यात्रा से नए कवियों को भी मंच मिलेगा, जो भविष्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगा।
रोटरी क्लब ऑफ रॉयल्स बीकानेर के अध्यक्ष इंजीनियर विपिन लढ्ढा ने कहा कि संस्था सितंबर से अगस्त तक शहरी क्षेत्र के अलग-अलग मोहल्ले में कवि सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। यह कवि सम्मेलन उसे क्षेत्र के दिवंगत कवि को समर्पित होंगे तथा हर श्रृंखला में नए कवियों को अवसर दिया जाएगा।
पब्लिक रिलेशंस एंड एलाइड सर्विसेज एसोसिएशन ऑफ़ राजस्थान (प्रसार) अध्यक्ष डॉ. हरि शंकर आचार्य ने बताया कि प्रसार की ओर प्रदेश भर में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की रही हैं। ‘जन मन काव्य यात्रा’ इसी श्रृंखला की एक कड़ी है। उन्होंने बताया कि इस माह के कवि सम्मेलन के स्थान को शुक्रवार को अंतिम रूप दिया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान उसी मोहल्ले के मौजीज व्यक्ति की अध्यक्षता करवाई जाएगी।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक रोटेरियन डॉ. विजय शंकर आचार्य और कुलगुरु के निजी सहायक रोटेरियन श्री एस के व्यास ने भी विचार रखे। सहायक निदेशक (जनसंपर्क) श्रीमती भाग्यश्री गोदारा ने आभार जताया।



