‘जन मन काव्य यात्रा’ का पहला पड़ाव रविवार को आचार्यों के चौक में

साहित्य

सायं 7.15 बजे से होगा काव्य पाठ, हिंदी, उर्दू और राजस्थानी कविताओं की होंगी प्रस्तुतियां

स्मृति शेष कवि गौरी शंकर आचार्य ‘अरुण’ को समर्पित होगा पहला पड़ाव

बीकानेर, 26 सितंबर। शहर की ऐतिहासिक मोहल्ला काव्य परंपरा को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से शुरू की जा रही ‘जन मन काव्य यात्रा’ का पहला पड़ाव रविवार को आचार्यों के चौक में होगा। रोटरी क्लब ऑफ बीकानेर रॉयल्स और पब्लिक रिलेशंस एंड अलाइड सर्विसेज एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (प्रसार) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस काव्य संध्या की शुरुआत सायं 7.15 बजे होगी। पहला आयोजन स्मृति शेष कवि गौरी शंकर आचार्य ‘अरुण’ को समर्पित रहेगा।

काव्य संध्या में हिंदी, उर्दू और राजस्थानी तीनों भाषाओं की कविताओं की प्रस्तुतियां होंगी। मनीषा आर्य सोनी, मोनिका गौड़, संजय आचार्य ‘वरुण’, आनंद मस्ताना, इरशाद अज़ीज़, विप्लव व्यास, डॉ. हरि शंकर आचार्य और बाबूलाल छंगाणी अपनी रचनाओं का काव्य पाठ करेंगे। विभिन्न भाषाओं और काव्य शैलियों के माध्यम से कवि श्रोताओं से संवाद करेंगे।

‘जन मन काव्य यात्रा’ को एक कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे बारह महीने तक चलने वाली काव्य यात्रा के रूप में आयोजित किया जाएगा। इसके तहत शहर के विभिन्न मोहल्लों के चौक और पाटे ही काव्य मंच बनेंगे। उद्देश्य है कि कविता सभागारों तक सीमित न रहकर शहर की गलियों, चौक-प्रांगणों और आमजन के बीच पहुंचे तथा बीकानेर की पारंपरिक मोहल्ला काव्य संस्कृति को पुनर्जीवित करते हुए नई पीढ़ी से जोड़ा जा सके।

रोटरी क्लब ऑफ बीकानेर रॉयल्स के अध्यक्ष इंजीनियर विपिन लढ्ढा ने बताया कि बीकानेर की मोहल्ला काव्य परंपरा की अपनी विशिष्ट पहचान रही है। पहले मोहल्लों के पाटों और चौक-प्रांगणों में कवि जुटते थे और आमजन के बीच कविता का पाठ होता था। समय के साथ यह परंपरा धीरे-धीरे कम होती गई। इसी विरासत को फिर से जीवंत करने के उद्देश्य से ‘जन मन काव्य यात्रा’ की शुरुआत की जा रही है।

उन्होंने बताया कि यात्रा के आगामी पड़ाव शहर के अलग-अलग मोहल्लों में आयोजित होंगे। स्थानीय परिवेश में होने वाले इन आयोजनों के माध्यम से साहित्य को जनसरोकार से जोड़ने और युवाओं तथा नई पीढ़ी को कविता से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार यह यात्रा बीकानेर की सांस्कृतिक और साहित्यिक परंपरा को नई ऊर्जा देने की दिशा में एक सतत पहल होगी।