एसीबी ने बीकानेर कोर्ट में 500 की रिश्वत लेते लोक अभियोजक को पकड़ा, आरोपी ने निगले रूपए

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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की बीकानेर न्यायालय परिसर में बड़ी कार्रवाई, जांच जारी

बीकानेर // बीकानेर न्यायालय परिसर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विशिष्ट न्यायालय (अनुसूचित जाति जनजाति) के विशेष लोक अभियोजक को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी ने एसीबी की टीम के कब्जे में आते ही 500 का नोट निगल लिया। बाद में एसीबी टीम आरोपी को लेकर पीबीएम के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक लेकर पहुंची जहां उसकी जांच कराई जा रही है। इस आशय की सूचना मिलते ही बीकानेर न्यायालय परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई।

मिली जानकारी के अनुसार एससी-एसटी कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक जगदीश कुमार रैण ने एक प्रकरण के मुकदमे में गवाही कराने व अच्छी पैरवी करने के बदले पीड़ित से रिश्वत मांगी। एसीबी के अनुसार आरोपी ने परिवादी से एक हजार रूपए में सौदा किया तथा 500 रूपए पहले ले लिए। आज बकाया 500 रूपए देना तय हुआ। परिवादी ने इसकी शिकायत एसीबी को कर रखी थी। ऐसे में एसीबी ने जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी पीपी ने रूपए हाथ में लिए तो उसे एसीबी की टीम ने दबोच लिया मगर उसने तुरंत रूपए मुंह में निगल लिए। ऐसे में एसीबी की टीम रिश्वत के आरोपी लोक अभियोजक जगदीश कुमार को लेकर पीबीएम अस्पताल गई जहां उसकी तरह तरह की जांचें कराई। समाचार लिखे जाने के एसीबी की कार्रवाई जारी थी। एसीबी टीम के एक अधिकारी ने बताया कि रिश्वत लेने की धारा अलग से है जबकि रूपए निगलने से एक और धारा जुड़ गई है। इसलिए प्रकरण की जांच की जा रही है।

गौरतलब है कि लंबे इंतजार के बाद 15 अप्रैल को ही सरकार ने एक आदेश जारी बीकानेर के विभिन्न न्यायालयों में लोक अभयोजक नियुक्त किए थे। इसमें से एक आरोपी जगदीश कुमार भी था। इस रिश्वतकांड में आज दिनभर शहर में चर्चा होती रही।