दुकान में आगजनी के मामले में युवक को 5 साल की सजा, 2 लाख का जुर्माना

क्राइम

देशनोक में 20 लाख के नुकसान वाले चर्चित मामले में सेशन कोर्ट का फैसला

बीकानेर // देशनोक क्षेत्र में दुकान में आगजनी कर लाखों रुपए का नुकसान पहुंचाने के मामले में सेशन न्यायालय बीकानेर ने आरोपी प्रेमसिंह को दोषी ठहराते हुए 5 वर्ष के साधारण कारावास और 2 लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं, इसलिए ऐसे मामलों में नरमी नहीं बरती जा सकती।

प्रकरण के अनुसार परिवादी रामस्वरूप ने 7 अप्रैल 2024 को देशनोक थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसकी देशनोक-नापासर सड़क पर परचून, खल-चूरी और सब्जी की दुकान है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि आरोपी प्रेमसिंह ने उधार सामान और रुपए नहीं देने पर फोन कर दुकान में पेट्रोल डालकर आग लगाने की धमकी दी थी। बाद में आरोपी पिस्तौल लेकर दुकान पर पहुंचा और शराब के लिए रुपए मांगते हुए धमकियां दी।

रिपोर्ट के मुताबिक उसी रात करीब एक बजे सूचना मिली कि दुकान में आग लगा दी गई है। मौके पर पहुंचने पर दुकान पूरी तरह जल चुकी थी और छत भी गिर गई थी। आगजनी में दो फ्रिज, पेप्सी फ्रीज, इन्वर्टर सिस्टम, परचून, खल-चूरी सहित करीब 20 लाख रुपए का सामान जलकर राख हो गया। दुकान के जरूरी दस्तावेज और खाताबही भी आग में नष्ट हो गए।

पुलिस थाना देशनोक ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और अनुसंधान के बाद आरोपी प्रेमसिंह के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों और घटनास्थल के फोटो के आधार पर आरोपी को दोषी माना।

सेशन न्यायाधीश अश्वनी विज ने अपने फैसले में कहा कि पत्रावली पर उपलब्ध तथ्यों से स्पष्ट है कि आरोपी ने परिवादी की दुकान में आग लगाकर गंभीर नुकसान पहुंचाया। हालांकि मामले में किसी प्रकार की जनहानि या मृत्यु सिद्ध नहीं हुई, इसलिए आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 436 के तहत 5 वर्ष के साधारण कारावास और 2 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना राशि वसूल होने पर पीड़ित को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी। मामले में सरकार की ओर लोक अभियोजक राधेश्याम सेवग ने पैरवी की।