कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले संत कबीर को किया नमन

धर्म-कर्म

बीकानेर में मनाया 629वां प्राकट्य दिवस

बीकानेर // सिटी कोतवाली क्षेत्र स्थित नया कुआं के पास रविवार को 15वीं सदी के महान संत, समाज सुधारक एवं निर्गुण भक्ति धारा के प्रमुख संत कबीर दास जी का 629वां प्राकट्य दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संत कबीर के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद सुधा आचार्य के शंखनाद के साथ भव्य आरती आयोजित की गई।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने संत कबीर के जीवन, विचारों और समाज सुधार में उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने तत्कालीन समाज में व्याप्त अंधविश्वास, पाखंड और कुरीतियों का खुलकर विरोध किया। कबीर ने मानवता, समानता और ईश्वर भक्ति का संदेश दिया, जो आज भी प्रासंगिक है।

इस अवसर पर कबीर पंथ के अनुयायियों ने भीषण गर्मी के बीच दिनभर श्रद्धालुओं और आगंतुकों के लिए ठंडे पेय एवं अल्पाहार की व्यवस्था कर सेवा भाव का परिचय दिया। वक्ताओं ने बताया कि संत कबीर की रचनाओं ने भक्ति आंदोलन को नई दिशा दी तथा उनकी वाणी को गुरु ग्रंथ साहिब और आदि ग्रंथ में भी स्थान मिला है।
समारोह में सुधा आचार्य, भीखाराम, श्रवण कुमार, पुखराज, खेमाराम, भंवरलाल, भानीराम, पवन कुमार, बुद्धराम, राजकुमार, विजय, ताराचंद, मुकेश, पंकज, अनिल सहित अनेक श्रद्धालुओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।