



हर्षोलाव तालाब पर हुआ अनूठा आयोजन, सरजुदास जी महाराज रहे मौजूद
बीकानेर // सावन का महीना, प्रदोष तिथि और महिला शक्ति द्वारा 5100 पार्थिव शिव का निर्माण करना तथा उन्हें संतों का आशीर्वाद मिलना वाकई महादेव की कृपा ही है। अमरेश्वर महादेव मंदिर हर्षोलाव तालाब और नारी शक्ति वूमेन एंपावर बीकानेर शाखा द्वारा स्थानीय अमरेश्वर महादेव मंदिर परिसर में 5100 पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया गया। नारी शक्ति वूमेन एंपावर की अध्यक्ष मधु खत्री ने बताया कि अमरेश्वर महादेव मंदिर में लगभग 100 से अधिक महिलाओं ने करीब दो घंटे में 5100 पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया। हर-हर महादेव के जयकारों और भोलेनाथ के भजनों के साथ माहौल शिवमय हो गया।

अमरेश्वर महादेव ट्रस्ट के सचिव रविंद्र हर्ष ने बताया कि पार्थिव शिवलिंग निर्माण के बाद पंचामृत से अभिषेक किया गया एवं राष्ट्रीय संत सरजूदास जी महाराज के सान्निध्य में महाआरती की गई।
अमरेश्वर हर्ष जातीय ट्रस्ट के अध्यक्ष एडवोकेट ओपी हर्ष व कोषाध्यक्ष राजेंद्र हर्ष ने बताया कि इस कार्य के लिए मातृ शक्ति का सम्मान किया गया। राष्ट्रीय संत श्री सरजूदासजी महाराज ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि सावन का महीना भोलेनाथ को प्रिय है। जब सब देवी-देवताओं के लिए यह चातुर्मास का समय शयनकाल का माना गया है तो इस समय पूरे ब्रह्मांड की सत्ता को भोलेनाथ ने संभाल रखा है। उन्होंने कहा कि सावन माह में व्रत, जप और तप से हर मनोकामना भोलेनाथ पूर्ण करते हैं। इससे पहले ट्रस्ट के अध्यक्ष ओपी हर्ष ने सभी का स्वागत करते हुए आयोजन के महत्व पर प्रकाश डाला। नारी शक्ति की अध्यक्ष मधु खत्री ने कहा कि बीकानेर जो छोटी काशी के नाम से विख्यात है वहां पर ऐसे आयोजनों का होना पूरे देश में एक अलग पहचान बनाने वाला साबित होगा। उन्होंने कहा कि हमारे क्लब द्वारा धर्म अध्यात्म समाज सेवा शिक्षा चिकित्सा और जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए अनवरत कार्य किया जा रहे हैं।
ये रहे मौजूद
आयोजन में संजू खत्री, रीटा तनेजा, डॉ विजयलक्ष्मी व्यास, शिखा विजयवर्गीय, शीला शर्मा, गंगा भाटिया आदि विमोचन के दौरान उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मनमोहन हर्ष, कुशाल चंद हर्ष, ,नारायण हर्ष, मनोज व्यास, मदनमोहन हर्ष, जगमोहन हर्ष, एडवोकेट हीरालाल हर्ष , एडवोकेट प्रदीप हर्ष, ओंकार चंद हर्ष जगदीश हर्ष भेरू रतन हर्षआदि का सान्निध्य रहा। महिलाओं द्वारा बनाए जाने पार्थिव शिवलिंग को देखने के लिए आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा।



