




आज 51 सालों से लालाणी व्यासों के चौक में लागातार आयोजित हो रहा है नृसिंह मेला

बीकानेर // शहर के लालाणी व्यासों के चौक में नृसिंह अवतार का मेला वर्ष 1975 में शुरू हुआ। इसकी कहानी भी बड़ी रोचक है। यहां मानवत पुरोहित गली में रहने वाले मास्टर रूप नारायण पुरोहित के पिता स्वर्गीय मास्टर अंबालाल पुरोहित डागा चौक में आयोजित होने वाले मेले में लगातार 35 वर्षों तक हिरणांकश्यप की भूमिका निभा चुके थे। जब मास्टर रूप नारायण पुरोहित में जवान हुए तो उन्हें भी 1968 में एक बार हिरणाकश्यप बनने का मौका दिया गया। कुछ सालों बाद 1974 में मास्टर रूप नारायण पुरोहित अपने अजीज मित्र मुकेश पुरोहित को लेकर डागा चौक गए तो वहां की आयोजन कमेटी ने मुकेश पुरोहित को हिरणां कश्यप बनाने से इनकार कर दिया और मास्टर रूपनारायण पुरोहित की डागा चौक मेला कमेटी से बहस हो गई और वह नाराज होकर अपने घर आ गए। इसके बाद मास्टर रूपनारायण पुरोहित ने ठाना कि अगले वर्ष यानी 1975 का मेला वह अपने मोहल्ले में ही आयोजित करेंगे। और फिर दोनों मित्रों ने मिलकर 1975 में पहली बार मेला आयोजित किया। यह दोनों मित्र 1975 में होली के बाद कोलकाता गए तथा वहां से एक भगवान नरसिंह का तथा दूसरा हिरण्यकश्यप का मुखौटा लेकर आए और उन्होंने 1975 में लालाणी व्यासों के चौक में पहली बार मेला आयोजित कराया। तब से लेकर 2010 तक यह मेला बिना मंदिर ही लालाणी व्यासो के चौक में हर साल आयोजित होता रहा।

भगवान नृसिंह देव की असीम कृपा से व मास्टर रूप नारायण पुरोहित व उनके पुत्र राज नारायण पुरोहित व एडवोकेट ललित नारायण पुरोहित के अथक प्रयासों से आखिरकार 2011 में यहां भव्य मंदिर का निर्माण हो गया। मास्टर रूप नारायण पुरोहित परिवार ने ही अपनी ही जमीन पर जनसहयोग से मंदिर का निर्माण करवा दिया। इस तरह लालाणी व्यासों के चौक में इस बार 11 मई 2025 को 51वां नर्सिंह मेला आयोजित होगा।

इस मेले को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। मास्टर रूपनारायण पुरोहित के सुपुत्र राज नारायण पुरोहित व एडवोकेट ललित नारायण पुरोहित के नेतृत्व में पूरे मोहल्ले की टीम मेले को सफल तरीके से संपन्न करने के लिए तैयारी में जुट गई है।



