



जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिला कलक्टर ने दिए निर्देश
नागौर // जिला कलक्टर अरूण कुमार पुरोहित ने कहा कि हीट वैव से बचाव को लेकर राज्य सरकार की ओर से गाइड लाइन के मुताबिक प्रबंध किए जाएं। इसके तहत जिले के सरकारी चिकित्सा संस्थानों में निर्धारित संख्या में हीट वैव की जकड़न में आए मरीजों के उपचार के लिए बैड आरक्षित रखें। चिकित्सा संस्थानोें में हीट वैव से बचने के लिए माकूल व्यवस्थाएं रहें।
जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि राजकीय चिकित्सा संस्थानों में एसी, कूलर व पंखों तथा पेयजल के लिए वाटर कूलर चालू सही स्थिति में काम कर रहे है। समस्त चिकित्सा संस्थानों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए। इसके साथ-साथ समस्त चिकित्सा संस्थानों में हीट वैव से ग्रसित मरीजों के उपचार में आवश्यक दवाईयां व ओ.आर.एस पैकेट उपलब्ध हो और चिकित्सकीय स्टॉफ उनके उपचार हेतू हर समय तैयार रहें।
जिला कलक्टर अरूण कुमार पुरोहित मंगलवार को कलेक्ट्रट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति को संबोधित कर रहे थे। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला कलक्टर ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जिले में हर व्यक्ति को केन्द्र एवं राज्य सरकार की ओर से संचालित जन स्वास्थ्य कल्याणकारी योजना का लाभ मिलना चाहिए। पुरोहित ने निर्देष दिए कि आयुष्मान कार्ड से होने वाले फायदों तथा मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, मां वाउचर योजना तथा लाडो प्रोत्साहन योजना का व्यापक प्रचार-प्रचार किया जाए ताकि हर पात्र व्यक्ति इनका लाभ उठा सके। उन्होंने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविरों की प्रगति रिपोर्ट ली और इनमें स्वास्थ्य सेवाओं को पूर्ण गुणवत्ता के साथ पात्र लाभार्थियों को कैशलेस चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाए जाने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर अरूण कुमार पुरोहित ने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत सम्बद्ध राजकीय एवं निजी अस्पतालों में अधिक से अधिक पात्र मरीजों को इसका लाभ देकर कैशलेस उपचार के पैकेज बुक किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर जुगल किशोर सैनी द्वारा हेल्थ इंडिकेटर्स पर प्रस्तुत की गई प्रगति रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद जिला कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित ने बैठक में मौजूद चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी चिकित्सा संस्थानों पर स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक उन्नत किया जाए, इसके लिए प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को टीम वर्क के साथ सभी हैल्थ इंडीकेटर्स पर काम करना होगा। राजकीय चिकित्सा संस्थानों के प्रति आमजन का विश्वास बढ़े, इसके लिए चिकित्सा अधिकारी संवेदनशील रहकर काम करें। उन्होंने कहा कि राजकीय चिकित्सा संस्थान में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से लेकर पूरा चिकित्सकीय स्टॉफ पूरी लगन के साथ सेवाएं दें और अपने कार्यस्थल पर सभी हैल्थ प्रोटोकॉल पूरे रखें।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा के बाद जिला कलेक्टर ने सब सेंटर लेवल पर एएनसी रजिस्ट्रेशन बढ़ाने, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर उप जिला अस्पताल एवं जिला अस्पताल स्तर तक संस्थागत प्रसव को और अधिक बढ़ावा देने, नियमित टीकाकरण का लाभ सभी शिशुओं को प्रदान करने तथा परिवार कल्याण कार्यक्रम के निर्धारित टारगेट पूरे करने के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य दिवस पर आयोजित गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के टीकाकरण की एंट्री यूविन एप पर आवश्यक रूप से की जाए। जिला औषध भंडार प्रभारी डॉक्टर राजेश पाराशर द्वारा निशुल्क दवा एवं निशुल्क जांच सुविधाओं से जुड़ी प्रगति रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि चिकित्सा संस्थानों में पेशेंट वाउचर का बैकलॉग पूरा किया जाए। सभी राजकीय चिकित्सा संस्थानों पर एमएनडीवाई के तहत निर्धारित मात्रा में दवाइयां एवं एमएनजेवाई के तहत निर्धारित संख्या में जांचों की उपलब्धता सुनिश्चित हो। उन्होंने निर्देश दिए कि ई औषधि सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल सभी चिकित्सा संस्थान नियमित रूप से करें।
एनसीडी कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने निर्देष दिए कि 30 वर्ष से कम उम्र वाले व्यक्तियों की शत-प्रतिषत बीपी व शुगर जांच करने और इसको ऑनलाइन करने के लिए काम में प्रगति लाई जाए। इसके लिए जिले की बड़ी ग्राम पंचायतों को चिन्हित कर वहां महीने के प्रथम गुरूवार को वहां अटल सेवा केन्द्र में होने वाली जनसुनवाई , महीने के दूसरे गुरूवार को उपखण्ड मुख्यालय पर होने वाले जनसुनवाई कार्यक्रम तथा तीसरे गुरूवार को जिला मुख्यालय पर होने वाले जनसुनवाई कार्यक्रम व जिला प्रषासन की ओर से आयोजित रात्रि चौपाल कार्यक्रमों में भी स्थानीय चिकित्सकीय स्टॉफ को भेजकर वहां आने वाले जनमानस की बीपी व शुगर जांच की जाए और उनका हैल्थ रिकॉर्ड ऑनलाइन करें। इस कार्य से आभा आईडी बनाने के लक्ष्यों की भी पूर्ति जल्द होगी।
अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर शीशराम चौधरी द्वारा प्रस्तुत परिवार कल्याण कार्यक्रम, एनीमिया मुक्त राजस्थान अभियान की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि एनीमिया मुक्त राजस्थान अभियान के तहत शक्ति दिवस पर एनीमिक बालिकाओं की जांच करते हुए उन्हें आयरन फोलिक एसिड की गोलियां वितरित करें तथा पौष्टिक आहार का सेवन करने की सलाह दें।
जिला क्षय रोग निवारण अधिकारी डॉ. श्रवण राव द्वारा प्रस्तुत राष्ट्रीय टीबी नियंत्रण कार्यक्रम की प्रगति रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए उप स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर बलगम की जांच हेतु सैंपल लिए जाएं और समय रहते मरीजों की पहचान कर उन्हें सुचारू उपचार दिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि निक्षय पोर्टल पर सभी क्षय रोगियों का डाटा अपडेट रहे। बैठक में पंडित जेएलएन अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर. के. अग्रवाल, एनएचएम के जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सोनी, एपिडेमोलॉजिस्ट साकिर खान ने भी विचार व्यक्त किए।
ये रहे मौजूद
बैठक में नागौर व जायल के बीसीएमओ डॉ. रतनाराम बिड़ियासर, डेगाना के बीसीएमओ डॉ. आरके सारण, मेड़ता के बीसीएमओ डॉ. आरके तंवर, मूंडवा के बीसीएमओ डॉ. राकेश सिरोही, रियांबड़ी के बीसीएमओ डॉ. चैनाराम, भैरूंदा के बीसीएमओ डॉ. राजेन्द्र चौधरी, एनएचएम के जिला लेखा प्रबंधक जीवन पाल, एनयूएचएम के डीपीएम डॉक्टर चंद्र सिंह शेखावत, मां योजना के डीपीसी सुनील भादू सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न जिला स्तरीय एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी तथा राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे।



