चेक अनादरण मामले में आरोपी को 6 माह का कारावास

क्राइम

अतिरिक्त सिविल जज एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय का फैसला

नागौर // जिला मुख्यालय पर स्थित न्यायालय अतिरिक्त सिविल जज एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट नागौर अनिमेष राजपुरोहित द्वारा दिनांक 11 जून 2025 को एक सेवानिवृत्त पशु चिकित्सक के मामले में चेक अनादरण होने पर अभियुक्त मोहन लाल पुत्र मुल्तानाराम निदेशक अम्बेडकर शिक्षण संस्थान , कुम्हारी दरवाजा नागौर को छह माह का कारावास और एक लाख अस्सी हज़ार रुपए का प्रतिकर क्षतिपूर्ति के रूप में परिवादी को दिलाए जाने का आदेश दिया है ।

जानकारी के अनुसार सेवानिवृत्त पशु चिकित्सक डॉ मदन लाल गोस्वामी द्वारा अपने अधिवक्ता डॉ पवन श्रीमाली के माध्यम से परिवाद प्रस्तुत कर बताया कि मोहनलाल द्वारा उस से एक लाख रुपये उधार लेकर पुनः रुपये वापस चुकाने के लिए दो चेक 50,000 – 50,000 रुपये के सुपुर्द कर चेकों के माध्यम से भुगतान प्राप्त करने के लिए निर्देशित किया । परंतु दौनो चेक उसके खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने से दिनांक 6-9-2017 को अनादरित हो गए।नोटिस प्राप्ति के बाद भी चेक राशि का भुगतान नहीं किया जिस कारण न्यायालय में परिवाद पेश करना पड़ा।कोर्ट द्वारा परिवादी का परिवाद स्वीकार किया जाकर अभियुक्त मोहनलाल को दोषी मानकर छह माह के कारावास से दंडित किया गया तथा अभियुक्त मोहनलाल को यह आदेश दिया कि वह परिवादी को प्रतिकर के रूप में एक लाख अस्सी हज़ार रुपये अदा करे। उक्त प्रतिकर नहीं देने की दशा में दस दिन का अतिरिक्त कारावास भुगताए जाने का आदेश दिया गया।