जयमल जैन आध्यात्मिक ज्ञान-ध्यान संस्कार शिविर का हुआ समापन

राजनीति

चेन्नई के भामाशाह विजयसिंह पींचा रहें समारोह के मुख्य अतिथि

नागौर // जयमल जैन आध्यात्मिक ज्ञान-ध्यान संस्कार शिविर का रविवार को समापन हुआ। श्वेतांबर स्थानकवासी जयमल जैन श्रावक संघ, जेपीपी जैन अणुप्पेहा ध्यान योग एकेडमी व जेपीपी जैन महिला फाउंडेशन के तत्वावधान में 18 मई से शिविर जारी था। लोढ़ा की पोल स्थित सुशील धरम आराधना भवन में जय जाप से शिविर समापन समारोह प्रारंभ हुआ। समारोह के अध्यक्ष अमीचंद सुराणा व मुख्य अतिथि चेन्नई के भामाशाह विजयसिंह पींचा थे। नगर परिषद सभापति मीतू बोथरा, प्रवीण बांठिया व चंचलमल नाहर विशिष्ट अतिथि रहें। अंजू जैन और टीम ने मंगलाचरण व जेपीपी जैन महिला फाउंडेशन ने स्वागत गीत की प्रस्तुति दी। पुष्पा ललवानी ने शिविर का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। छोटे बच्चों ने जैन भजनों पर नृत्य किया। चंचल देवी ललवानी, ऋतु रानी, कंचनदेवी ललवानी, गुणवंती जैन, नीरू नाहर, रीटा ललवानी, प्रियांशु पींचा, धर्म प्रवेश कक्षा के शिविरार्थी आदि ने कविता व भजनों की प्रस्तुति दी। नेहा लूणिया, ऋतु रानी और टीम ने नाटिका की। तीन वर्षीय बालिका नायरा लूणिया ने 24 तीर्थंकरों के नाम व बालक ऋत्विक बच्छावत ने 5 अभिगम के नाम कंठस्थ करके सभी को सुनाए। सभी शिविरार्थियों, कार्यकर्ताओं व अध्यापकों को पुरस्कृत किया गया। इसके लाभार्थी रेखचंद, विजयसिंह, प्रियंक, मिवान पींचा परिवार, चेन्नई वाले रहें। महावीर जयंती प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के परिणाम घोषित हुए। इसमें चंचल देवी बेताला प्रथम, सपना ललवानी द्वितीय व चंद्रकला नाहटा तृतीय रहीं। विजेताओं व सभी प्रतिभागियों को चंचलमल, अभिषेक, अरिहंत नाहर परिवार की ओर से पुरस्कार दिए गए। शिविर में भाग लेने वाली अजैन बालिका चांदनी सैन ने अपने हाथों से जैनाचार्य जयमल महाराज की हूबहू आकृति बनाई। समारोह में सैन ने इसे सभी के सामने प्रदर्शित किया। मंच का संचालन संजय पींचा ने किया।

विजय सिंह पींचा ने किया संबोधित

मुख्य अतिथि विजयसिंह पींचा ने संबोधित करते हुए कहा कि छोटे बच्चों व समाज को सही दिशा में ले जाने के लिए ऐसे शिविरों का आयोजन होना आवश्यक है। पींचा ने वर्ष 2026 की ग्रीष्मकालीन छुट्टियों में लगने वाले 15 दिवसीय जयमल शिविर का संपूर्ण खर्च व्यय करने की घोषणा की। प्रवीण बांठिया ने भी संबोधित किया। इस दौरान सभी अतिथियों का सम्मान किया गया। शिविर के संचालन में अहम भूमिका निभाने वाले पुष्पा ललवानी, रीटा ललवानी, हरकचंद ललवानी व कमलचंद ललवानी भी सम्मानित हुए। शिविर के दानदाताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

इनका रहा सहयोग

शिविर के मुख्य लाभार्थी बनेचंद, रेवंतमल नाहर परिवार, बैंगलोर निवासी रहें। शिविर को सफल बनाने में दानदाताओं सहित रूपेश पींचा, पूनमचंद बैद, सुभाष ललवानी, सुरेंद्र बांगानी, हरकचंद नाहर, शुभम छल्लानी, नितेश ललवानी, विवेक बोहरा, परम ललवानी, हर्षित ललवानी, प्रणय भूरट, सम्यक भूरट, संदेश ललवानी, अंकित चौरड़िया, भरत चौरड़िया, प्रेमचंद तंवर, सोहन नाहर, मूलचंद ललवानी, जितेंद्र चौरड़िया, मुकेश ललवानी, नौरतन सुराणा, नरेंद्र चौरड़िया, निर्मलचंद चौरड़िया, जतन बाघमार आदि का भी सहयोग रहा। इस मौके पर महावीरचंद भूरट, नरपतचंद ललवानी, किशोरचंद ललवानी, प्रकाशचंद बोहरा, ललित सुराणा, दशरथचंद लोढ़ा, पवन पारख आदि श्रद्धालु मौजूद थे।