



नागौर // जैन खरतरगच्छ साध्वी प्रिंयकराश्रीजी, प्रार्थनाश्रीजी, प्रतिभाश्रीजी, प्रिसुधाश्रीजी, प्रणम्यश्रीजी, प्रसिद्धि श्रीजी का शनिवार 8-30 बजे रेखावत रेजीडेंसी से गाजे बाजे के साथ में भव्य मंगल प्रवेश हुआ।
संघ के प्रदीप डागा एंव कल्प खजांची ने बताया कि मंगल प्रवेश का जुलुस शहर के मुख्य मार्ग नया दरवाजा, बांगाणी की गली, लोहिया का चौक, घोडा़वतो की पोल, लोढ़ा का चौक, माही दरवाजा, मेड़़तावाडी़, डागावाडी़ होतें हुए काली पोल के पास में स्थित कनक अराधना भवन पहुंचा। कनक अराधना भवन पहुंचने पर विचक्षण महिला मंडल के द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।
सातुर मास का उद्देश्य जीव रक्षा करना- साध्वी प्रियंकरा श्रीजी
जैन साध्वी प्रिंयकरा श्रीजी विशाल धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए
कहा कि यह चार्तुमास चार महिनों का होता है ओर कहा कि चार्तुमास का मुख्य उद्देश्य अहिंसा का पालन करना ओर सुक्ष्म जीवों की रक्षा करना है। क्योंकि वर्षा ऋतु में जीवों की संख्या बढ़ जाती है। साध्वी ने कहा कि जो श्रावक-श्राविकाऐ आठ महीने में अहिंसा का पालन, साधना- तपस्या, धार्मिक क्रियाएँ, ज्ञान दर्शन चरित्र तप की आराधना, नहीं करते हैं उन श्रावक-श्राविकाऐ को इन चार महीने में यह सभी करने चाहिए।
छत्तीसगढ़ से गौतमचंद पारख, महेन्द्र पारख, भीखमचंद लोढ़ा, राजेन्द्र चोपड़ा, कमलचंद ओस्तवाल, महेन्द्र लुनिया ,सिकन्दराबाद से गौतम कुमार मरलेचा एवं बीकानेर से महावीर सिंह खंजाची, आदि स्थानों से पधारे हुए श्रावक- श्राविकाओं का बहुमान श्रीखरतरगच्छ श्रीसंघ नागौर के द्वारा किया गया।
इस अवसर पर अज़मेर विद्युत निगम सहायक अभियंता कैलाश जैन, केवलराज बच्छावत, भास्कर खजांची, गौतमचंद कोठारी, कमल डोसी, संजय डागा, हस्तीमल रेखावत, खजांची, विकास बोथरा, रवि डोसी, माणकचंद छल्लाणी, तपस्वी विमलचंद कोठारी अशोक लुणावत, नरेंद्र कोठारी, महेन्द्र नाहर, घेवरचंद नाहटा, प्रकाशचंद बोहरा, चंचलमल नाहर, राजु कटारिया, नेहा, सृष्टि, राजकमारी खजांची, उषा बच्छावत, चंदन बोथरा, पुष्पा ,संगीता डागा,नीतु अनिता बोथरा, रुपा डागा,राजकुमारी लुणावत, आदि श्रावक – श्राविकाएं उपस्थित थे। मंच संचालन कमलचंद बांठिया ने किया।




