


बीकानेर ने आखाबीज व आखातीज पर जमकर की पतंगबाजी, बाजारों व सड़कों पर पसरा रहा सन्नाटा
बीकानेर // नगर स्थापना दिवस के मौके पर बीकानेर में 2 दिन जमकर पतंगबाजी हुई। आखाबीज को नगर स्थापना पर लोगों ने पारंपरिक रूप से जमकर पतंग उड़ाई वही दूसरे दिन भी सुबह से लेकर देर शाम तक जमकर पतंग बाजी हुई। शाम गहराने के बाद लोगों ने आतिशबाजी कर आखातीज को विदाई थी। यह दृश्य बहुत ही भावुक करने वाला था।

बुधवार को भोर होते ही लोग मांझा व पतंगे लेकर अपनी मकान की छत्तों पर चढ़ गए। लोगों ने सपरिवार पतंगबाजी का लुफ़्त उठाया। मकानों की छत्तों पर डीजे भी बज रहे थे। वहीं पूरे दिन शहर में बो काट्या… बो मारिया,,, के स्वर समवेत स्वरों में गूंज रहे थे। सुबह भोर होते ही पतंग बाजी का दौर शुरू हो गया जो दोपहर 12 बजे थम गया। दोपहर में धूप होने की वजह से लोग एक बार नीचे उतर गए मगर शाम 4 बजे बाद फिर पतंगबाजी ने गति पकड़ी। हालांकि शुरुआती दौर में हवा बेहद कम थी इसलिए पतंगबाजों को पतंग उड़ाने में परेशानी हुई मगर 5:30 से लेकर 7:30 बजे तक हवा ने भरपूर साथ दिया और पूरा आसमान सतरंगी पतंगों से अट गया। जिधर नजर दौड़ाओ उधर आसमान में रंग-बिरंगे पतंगे ही पतंगे नजर आ रही थी। शाम 7:30 बजे बाद जैसे ही अंधेरा छाने लगा तो लोगों ने आतिशबाजी शुरू कर दी। मकानोँ की छत्तों पर तरह-तरह की आतिशबाजी के नजारे देखने लायक थे। पूरे आसमान में आतिशबाजी की गूंज सुनाई दे रही थी।

नगर विधायक व्यास ने भी की पतंगबाजी
अक्षय तृतीया पर शहर में पतंगबाजी का लुत्फ़ उठाने में जनप्रतिनिधि भी पीछे नही रहे। नगर विधायक जेठानंद व्यास भी पतंग बाजी के पेच लड़ाते नजर आए। व्यास के साथ जनसम्पर्क विभाग के उप निदेशक हरि शंकर आचार्य भी पतंगबाजी करते दिखाई दिए। विधायक व्यास अनेक समर्थकों के साथ कई स्थानों पर पतंगबाजी करते नजर आए। उधर शिक्षाविद, डॉक्टर, उद्यमी, व्यापारी सहित कोई वर्ग ऐसा नही था जो पतंगबाजी से दूर रहा हो। डॉक्टर सिद्धार्थ असवाल, डॉक्टर विजय बिश्नोई, सहायक निदेशक सेवानिवृत जन संपर्क विकास हर्ष और स्वतंत्रता सेनानी परिवार से जुड़े गिरिराज उपाध्याय सहित अनेक लोग छत्तों पर आतंगबाजी करते नजर आए।



