


नागौर // जिले में बाल श्रम की रोकथाम हेतु गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमें सहायक श्रम आयुक्त ने बताया कि राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग, नई दिल्ली के निर्देशों की अनुपालना में जिले में बालक एवं कुमार श्रम उन्मूलन की दिशा में दिनांक 10 जनवरी 2025 से 31 मार्च 2025 तक प्रस्तावित पैन-इण्डिया बचाव एवं पुनर्वास अभियान 2.0 चलाया गया, जिसमें श्रम निरीक्षकों द्वारा जिले की 48 संस्थानों से बाल श्रमिक न रखने संबंधी वचन पत्र भरवाये गये। जिले में बाल श्रमिक रोकथाम के संबंध में चल रहे विशेष अभियान के तहत दो बाल श्रमिकों को बाल श्रम से मुक्त करवाया गया।
बैठक में जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को गठित दल मानव तस्करी विरोधी यूनिट द्वारा अवमुक्त कराये गये बाल श्रमिकों के नियोजकों के विरूद्ध कराई गई एफ.आई.आर, चालान एवं सक्षम न्यायालय द्वारा दिये गये निर्णय की सूचना प्रतिमाह श्रम विभाग को भिजवाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि बाल अधिकारिता विभाग जिले की बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत अवमुक्त बालक/कुमार श्रमिकों की सूचना प्रतिमाह श्रम विभाग को भिजवाना सुनिश्चित करें। साथ ही उपखंड स्तरीय अधिकारी भी ग्राम पंचायतों की मासिक बैठक के एजेण्डे में “बाल श्रम उन्मुलन” विषय को सम्मिलित कर आमजन में जागरूकता लाएं। इस दौरान उन्होंने श्रम विभाग के बाल कल्याण समिति के अधिकारियों को सरकारी स्कूलों में अनुपस्थित रहने वाले बालकों के दाता संग्रहित कर उनकी जानकारी झूठ नहीं के निर्देश दिए इस दौरान उन्होंने कहा कि श्रम विभाग के अधिकारी बाल श्रम की रोकथाम हेतु अधिक से अधिक प्रचार प्रचार करें तथा शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई करें। इसके साथ ही आमजन को विभिन्न योजनाओं की जानकारी देकर बच्चों को स्कूली शिक्षा से जोड़ने के प्रयास करें। इस दौरान उन्होंने नगर निकायों की अनुमति के बाद होने वाले भवन निर्माण पर मिलने वाले एक प्रतिशत सेस के जमा होने की प्रभावी मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए।



