नागौर में जैन खरतरगच्छ संघ के द्वारा निकाली गई कलश शोभायात्रा

धर्म-कर्म

नागौर // खरतरगच्छ जैन साध्वी प्रियंकरा श्रीजी, प्रार्थना श्रीजी, प्रतिभा श्रीजी, प्रिसुधा श्रीजी, प्रणम्य श्रीजी एवं प्रसिद्धि श्रीजी के सानिध्य में भव्य कलश शोभायात्रा सोमवार को सुबह 8-30 बजे कनक आराधना भवन से निकाली गई। जो कि शहर के मुख्य मार्गों एंव शहर के जैन श्वेताम्बर मंदिरों के दर्शन करते हुए वापस कनक आराधना भवन पहुचीं। कलश शोभायात्रा में गुरु भक्तों के द्वारा जय जय गुरु देव के जयकारा लगाते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा में महिलाऐ, बच्चें एंव पुरुष हाथों में जैन धर्म के अष्टमंगल की तख्तीयां लिए हुए चल रहे थे।

अजमेर स्थित जिनदत्तसुरी दादावाडी़ जीर्णोद्धार समिति के सदस्य एडवोकेट सुनिल डागा ने बताया कि श्री जिन दत्त सुरी अजमेर दादावाडी़ 872 वर्ष प्राचीन है जिसका जीर्णोद्धार खरतरगच्छ आचार्य पीयूषसागर जी के सानिध्य में होगा। जिसका शिलान्यास 4 सितम्बर 2025 को होगा। संघ के प्रदीप डागा एवं भास्कर खजांची बताया कि जिनदत्तसुरी अजमेर दादावाडी़ जीर्णोद्धार के लिए पुरे भारत वर्ष में खरतरगच्छ जैन समाज के द्वारा कलश यात्राऐ निकाली जा रही है। इसी क्रम में जोधपुर से कलश नागौर पहुचा। कलश नागौर पहुचने पर भव्य भक्ति संध्या का आयोजन किया गया। जिसमें चिराग खजांची, रविन्द्र बोथरा, खेमचंद खजांची, सुनिल डागा के द्वारा एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी गई। रंगीन चावलों से दादा गुरु देव की प्रतिमा ओर रंगोली सृष्टि, गरिमा, किर्ती, कल्प खजांची के द्वारा बनाईं गई।

शोभायात्रा वापस कनक आराधना भवन पहुचने पर खरतरगच्छ जैन साध्वी प्रिंयकरा श्रीजी ने धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए दादा गुरु देव के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला।
जैन साध्वी के प्रेरणा से भक्तजनों ने रजत एंव अन्य द्रव्य लाकर कलश में अर्पित किया। यह कलश अजमेर दादावाडी़ के शिलान्यास के दौरान नींव मे रखा जायेगा। रविवार सुबह 5 बजे से सोमवार शाम 4 बजे तक दादा गुरु देव के अंखड गुरु इकतीसा पाठ बारी बारी से श्रावक श्राविकाओं के द्वारा किया गया। जैन साध्वी प्रिसुधाश्रीजी, मनोज, गजेंद्र, कल्प, कुशल खजांची ने पुरी रात अखंड गुरु इकतीसा का पाठ किया।

ये भी रहे मौजूद

इस अवसर पर खरतरगच्छ संघ के केवलराज, बच्छावत, कमलचंद डोसी, केवलचंद डागा, प्यारेलाल बोथरा, गौतम चंद, विमलचंद कोठारी,रोशन, विकास, कुशल, पीयूष बोथरा, खेमचंद, देवीचंद मनीष, मनोज, कल्प कुशल खजांची, संजय, अमन डागा, शिव कोठारी, तरुण बच्छावत, देवेंद्र, बंटी डोसी, सहित श्रावक- श्राविका मौजूद थे |