



बीकानेर // ओशो लाइब्रेरी, गोपेश्वर बस्ती द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में आरटीओ कार्यालय बीकानेर में ओशो प्रवचनों से संकलित पुस्तक “सम्यक शिक्षा” का भव्य विमोचन किया गया।
इस अवसर पर बीकानेर डीटीओ भारती नथाणी ने पुस्तक का लोकार्पण करते हुए ओशो के विचारों को जीवन में अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में आरटीओ इंस्पेक्टर कर्णाराम चौधरी एवं राजस्थान ट्रांसपोर्ट मजदूर महासंघ के प्रदेश महामंत्री नवीन व्यास को भी ओशो लाइब्रेरी के अध्यक्ष द्वारा ओशो साहित्य भेंट कर सम्मानित किया गया। उपस्थित अतिथियों ने ओशो के विचारों को समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बताया।
ओशो लाइब्रेरी के शिव संचालक स्वामी ओम शांति ने जानकारी देते हुए बताया कि 21 मार्च को ओशो संबोधि दिवस के अवसर पर पुगाल रोड स्थित ओशो ध्यान केन्द्र में विशेष “ओशो संध्या सत्संग” का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान ओशो का प्रसिद्ध ऑडियो प्रवचन “संबोधि क्या है” भी श्रवण कराया जाएगा।
स्वामी ओम शांति ने कहा, “ओशो का संबोधि दिवस आत्मजागरण का प्रतीक है। इस दिन का महत्व केवल एक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर व्यक्ति को अपने भीतर झांकने और चेतना को जागृत करने का अवसर देता है। हम चाहते हैं कि अधिक से अधिक लोग इस आध्यात्मिक यात्रा से जुड़ें।”
ओशो ध्यान केन्द्र के व्यवस्थापक सुरेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि यह ध्यान शिविर 21 मार्च को शाम 6 बजे से 8 बजे तक आयोजित होगा। शिविर का संचालन स्वयं स्वामी ओम शांति करेंगे तथा सभी साधकों के लिए भोजन प्रसादी की भी व्यवस्था की गई है।
इस आयोजन को लेकर शहर के ओशो अनुयायियों में उत्साह का माहौल है और बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।



