


कृषि मंडी व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर सौपा ज्ञापन
नागौर // राजस्थान सरकार की ओर से प्रमुख खाद्य सामग्री एवं दैनिक रोजमर्रा में काम आने वाली वस्तुओं पर पॉइंट .50% सैकड़ा यूजर चार्ज( उपभोक्ता प्रभार )चार्ज के विरोध में आज नागौर कृषि उपज मंडी परिसर में किराणा ,गुड़, चीनी तेल के व्यापारियों की हड़ताल पूर्णतया सफल रही। कृषि मंडी परिसर में व्यापार पूर्णतया बंद रहा संपूर्ण राजस्थान में जोधपुर, जयपुर, बीकानेर, कोटा, सहित लगभग सभी मंडियां बंद होने से किसान ,मजदूर, आमजन को त्यौहार एवं रामदेवरा मेले की सीजन में खाद्य आपूर्ति में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंडियो के बंद होने से हजारों मुनीम, मजदूर, लोडिंग टैक्सी ड्राइवर इत्यादि अन्य को परिवारों के रोजगार का संकट भी खड़ा हो गया है। साथ में सरकार को भी कृषि मंडियो में होने वाले करोड़ों के व्यापार प्रभावित होने से जीएसटी एवं मंडी शुल्क से मिलने वाले राजस्व का भी भारी नुकसान हुआ है। राजस्थान के संपूर्ण व्यापारी वर्ग में सरकार के प्रति भयंकर रोष उत्पन्न हुआ है।

कलेक्ट्रेट पर लगाये नारे
यूजर शुल्क के विरोध में आज किराणा गुड़ चीनी के व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट तक रैली निकालकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में व्यापारी नृत्य गोपाल मित्तल रामदीन विश्नोई , मुकेश मित्तल, गणपत सिखावत, नितिन जैन ,राधा कृष्ण तिवारी, कमल खत्री ,रमेश अरोड़ा, मुकेश बिश्नोई, श्रेयांश जैन गोपी किशन गहलोत, महेंद्र सबलावत, अंकित बंटीया , नरसिंह राठी शाहिद अनेकों व्यापारी एवं मजदूर शामिल हुए। राजस्थान खाद्य व्यापार संघ के आवाहन पर जयपुर में संपूर्ण राजस्थान के मंडी व्यापारियों की एक बहुत बड़ी बैठक 21 अगस्त को जयपुर की कुकर खेडा मंडी में रखी गई है जिसमें नागौर के व्यापारियो का प्रतिनिधिमंडल भाग लेगा।
व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन एवं ज्ञापन सोपा
यूजर चार्ज के विरोध में नागौर कृषि उपज मंडी के किरण गुड़ चीनी के समस्त व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया नारेबाजी करते हुए विरोध किया। मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सोपा। इस अवसर पर अने को व्यापारी मजदूर मुनीम ज्ञापन देने में शामिल हुए। यूजर टैक्स के विरोध में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती ज्योति मिर्धा, नागौर पूर्व विधायक मोहनराम चौधरी, भाजपा जिला अध्यक्ष रामधन पोटलिया को भी ज्ञापन प्रेषित किए गए।



