


बीकानेर। वंदेमातरम टीम बीकानेर द्वारा सोमवार को बेनिसर बारी स्थित भोजक निवास में आयोजित सम्मान समारोह में गीता के श्लोक कंठस्थ करने वाले 45 बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जुड़ने का संदेश देते हुए प्रतिदिन सुबह माता-पिता को प्रणाम कर उनका आशीर्वाद लेने की प्रेरणा दी गई।
गर्मी की छुट्टियों के दौरान आयोजित गीता शिक्षण कक्षा में बच्चों को श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोक और प्रथम अध्याय का अध्ययन करवाने वाली इप्शिता शर्मा का भी वंदेमातरम टीम की ओर से भारत माता की तस्वीर एवं नकद पुरस्कार देकर सम्मान किया गया। इप्शिता प्रतिदिन बच्चों को गीता के श्लोक कंठस्थ कराने के साथ उनके अर्थ भी समझाती हैं।
कार्यक्रम में बताया गया कि भोजक परिवार के शांतिलाल भोजक, श्वेता भोजक सहित परिवार के अन्य सदस्य बच्चों के संस्कार निर्माण के इस अभियान में सक्रिय सहयोग कर रहे हैं। समारोह में भजन सम्राट नारायण रंगा ने बच्चों को मंत्रों और गीता श्लोकों के महत्व की जानकारी देते हुए इनके नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया।
वंदेमातरम टीम के विजय कोचर ने कहा कि गीता का ज्ञान जीवन में सकारात्मकता और अनुशासन लाता है। उन्होंने बच्चों से प्रतिदिन माता-पिता को प्रणाम कर उनका आशीर्वाद लेने का आग्रह किया। वहीं पुरुषोत्तम सुथार ने गीता के ज्ञान को जीवनोपयोगी बताते हुए इसके नैतिक मूल्यों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में शांतिलाल भोजक एवं श्वेता भोजक ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और बच्चों का आभार व्यक्त किया। समारोह में वंदेमातरम टीम के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।



