फसल बीमा को लेकर 18 मार्च को नागौर में जिले के किसान करेंगे आंदोलन

प्रशासन

नागौर // भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिला अध्यक्ष अर्जुनराम लोमरोड ने मुख्यमंत्री,कृषि मंत्री आदि के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर को दिए ज्ञापन में बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2023 में लगी झूठी आपत्तियां हटाकर किसानों को वाजिब क्लेम देने की मांग की है। यदि 17 मार्च तक किसानों का वाजिब हक नहीं दिया जाता है तो मजबूरन 18 मार्च को धरना, प्रदर्शन, रैली करनी पड़ेगी जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी। क्योंकि किसान डेढ़ वर्ष से क्लेम के लिए भटक रहे हैं।

बीकेयू जिला मंत्री रामपाल धौलिया का कहना है कि खरीफ 2023 में पहले 40 दिन तक बारिश नहीं होने तथा बाद में बे-मौसम अतिवृष्टि होने के कारण किसानों की फैसले बर्बाद हो चुकी थी। जिले के किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवा रखा था तो कुछ उम्मीद थी की क्लेम मिल जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत नागौर शाखा ने समय-समय पर मॉनिटरिंग करके कार्यवाही हेतु शासन प्रशासन और कंपनी को पाबंद करवाया। तय समय पर फसल कटाई प्रयोग (क्रॉप कटिंग) संपूर्ण करवाए जिसमें खराबा पाया गया। परंतु कंपनी ने क्लेम नहीं देने की नीयत से ज्यादातर क्रॉप कटिंग के ऊपर झूठी आपत्ति दर्ज करवाई। जिसके कारण क्लेम अटक गया। इन झूठी आपत्तियों का लगातार यूनियन ने विरोध किया। दबाव बनाया परिणाम स्वरूप जिला प्रशासन ने एक नहीं, तीन बार आपत्तियां झूठी मानकर हटा दी और कृषि आयुक्तालय जयपुर भेज दी गई। कृषि विभाग, राज्यस्तरीय शिकायत निवारण समिति(sgrc) की नागौर जिले की बैठक बार-बार तारीख देकर बैठक स्थगित की जा रही है। इसमें विभाग और सरकार की मंशा पर सवाल है।कंपनी किसी तरह किसानों को भुलावे में रखकर क्लेम नहीं देना चाहती है।

भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने प्रत्येक बिंदु की बारीकी से नजर रखकर समय-समय पर सरकारी नुमाइंदों को ज्ञापन के माध्यम से चेताया भी है। यूनियन के पदाधिकारीयो ने नागौर जिले के किसानों से विशेष अपील हैं कि 18 मार्च को नेहरू पार्क में सुबह 11 बजे अधिकाधिक संख्या में अपने-अपने साधनों के माध्यम से पधारे ताकि शासन और प्रशासन के ऊपर दबाव बनाया जाए ताकि वाजिब हक मिल सके।