




नगर निगम सहित जिला प्रशासन की लापरवाही
बीकानेर // प्रदेश के अधिकांश जिलों में मानसून ने दस्तक दे दी है। हालांकि हमारा बीकानेर मानसून की बारिश से अभी तक वंचित है मगर मानसून बीकानेर के सिर पर आ चुका है इसके बावजूद अभी तक शहर के नालों के सफाई नहीं हो पाई है। जिला कलेक्टर कार्यालय में होने वाले साप्ताहिक बैठकों में भी कई बार नालों की सफाई के लिए निर्देश दिए जाते हैं मगर वह सारे निर्देश अभी तक कागजी साबित हुए है।

शहर के मेडिकल कॉलेज रोड, नगर निगम के पीछे, कोठारी हॉस्पिटल के पास, नत्थूसर गेट, पुष्करणा स्टेडियम के सामने, धोबी धोरा, सूरसागर, पुरानी गिनाणी, कुचीलपुरा, रोशनीघर चौराहा सहित अनेक इलाके ऐसे हैं जहां आज भी नाले कचरे से भरे पड़े हैं। इसके लिए नगर निगम सहित जिला प्रशासन भी दोषी है।
किसी बड़े अधिकारी ने नही देखे नाले
मानसून पूर्व तैयारियों को लेकर कलेक्ट्रट में दो बैठके भी हुई मगर नालों में भरे कचरे देख प्रतीत होता है कि बैठके केवल औपचारिक ही हुई। बैठकों में समय रहते नालों को सफाई के संबंध में कलेक्टर के सारे आदेश कागजी निकले। किसी भी आदेश पर कोई काम गंभीरता से नही हुआ। ऐसे में इस बार यदि मानसून की झड़ी लगी तो लोगो को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ेगा।
अभी भी युद्धस्तर पर हो सकती है सफाई
नगर निगम चाहे तो आज से ही युद्धस्तर पर संसाधन लगाकर नालों की सफाई कर सकता है। यदि नगर निगम एरिया, सूरसागर, धोबीधोरा, कुचीलपुरा, पुष्करणा स्टेडियम आदि एरिया में सघन अभियान चलाया जाकर नालों की सफाई शुरू की जाय तो आगामी 4 दिन में शाहर को बारिश के सीजन में जलभराव की समस्या से कुछ राहत मिल सकती है। मगर दुर्भाग्य है कि जन प्रतिनिधियो से लेकर प्रमुख विपक्षी पार्टी के नेता अभी तक खामोश बैठे हैं। अब भी यदि नालों की सफाई नही हुई तो आगामी 2 माह तक सक्रिय रहने वाले मानसून सीजन को आम जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ेगी। नालों की गंदगी व कचरे से मौसमी बीमारियां भी फैलनी तय है।



