



सिंदूर शौर्य यात्रा संपन्न, मातृशक्ति में रहा भरपूर उत्साह
नागौर // जिला मुख्यालय पर सकल मातृशक्ति द्वारा सिंदूर शौर्य यात्रा का आयोजन किया गया। संत शक्ति के पावन सान्निध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में वीरांगनाओं का भी सम्मान किया गया। नागौर जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पुलिस अधीक्षक नारायण टोगस द्वारा की गई। संत जानकी दास महाराज व संत लक्ष्मी नारायण दास महाराज फागली आश्रम के पावन सान्निध्य में यह कार्यक्रम बंशीवाला मंदिर प्रांगण में आयोजित किया गया। मातृशक्ति ने तिरंगा ध्वज लेकर तथा पाकिस्तान द्वारा समर्थित आतंकवाद को कुचलने सम्बन्धी उद्घोष वाली तख्तियां लेकर इस यात्रा में सहभागिता दी गई।

यात्रा में विभिन्न आकर्षक झांकियां भी सजाई गई। इसमें चंद्रयान मिशन, दिल्ली के इंडिया गेट का प्रतिरूप, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, सावित्रीबाई फूले, थल सेना में मातृशक्ति, काली व दुर्गा का रूप भी सजाया गया। मुख्य अतिथि व संत शक्ति द्वारा तिरंगा ध्वज फहराकर यात्रा का शुभारंभ किया गया। बंशीवाला से होते हुए यात्रा हाथी चौक, पिपली गली, आजाद चौक होते हुए एमडीएच पार्क में पहुंची जहां जोशीले उद्घोष व धन्यवाद ज्ञापन के पश्चात यात्रा का समापन किया गया। मार्ग में विभिन्न संगठनों व मौहल्ले वासियों द्वारा यात्रा पर पुष्प वर्षा की गई तथा पेयजल व शरबत के द्वारा मातृ शक्ति का उत्साह वर्धन किया।
वीरांगनाओं का हुआ सम्मान
इस अवसर पर 13 जून 1999 को कारगिल युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए अमर शहीद प्रभुरामजी की वीरांगना रूकी देवी गांव इंदास और 18 सितंबर 2021 को ऑपरेशन स्नो लेपर्ड में सियाचिन ग्लेशियर भारत चीन बॉर्डर पर वीरगति को प्राप्त हुए अमर शहीद नायक हेमेंद्र गोदारा 5 राजपूताना राइफल गांव इंदास की
धर्मपत्नी वीर नारी सीता देवी का सम्मान भी किया गया।

सिंदूर शौर्य यात्रा में कुमारी वसुंधरा तिवारी के सौजन्य से कुमारी राधिका मनिहार को दुर्गा माता कुमारी मोनिका मनिहार को काली माता के रूप में तैयार कर भव्य झांकी का स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम संयोजिका नीलू खङलोया द्वारा मातृ शक्ति व संत समाज का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन प्रगति पारीक द्वारा किया गया। इससे पूर्व कमला चारण द्वारा वीरांगनाओं व मंचस्थ अतिथियों का परिचय करवाते हुए कार्यक्रम की पृष्ठभूमि रखी। वीरांगनाओं का सम्मान कार्यक्रम सह संयोजिका सुमिता सिद्ध, इंदु चौधरी, साधना सर्वा व अनुपमा उपाध्याय द्वारा किया गया।
इन्होंने रखे विचार
अपने उद्बोधन में नागौर जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित ने कहा कि विभिन्न युद्धों में सेना द्वारा सामरिक व आर्थिक तंत्र को अस्त व्यस्त करने का कार्य किया जाता है। वहीं आतंकवादियों द्वारा विभिन्न आतंकी घटनाओं के माध्यम से भारत के जनजीवन को अस्त व्यस्त करने की कोशिश की गई जिसका भारतीय नेतृत्व द्वारा भरपूर जवाब दिया गया। सेना के द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से इस अभियान में मातृशक्ति की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस अवसर पर अपने संबोधन में नागौर एसपी नाफयाँ टोगस ने कहा कि 22 अप्रैल को आतंकवादियों द्वारा भारत के निर्दोष नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया गया है। भारतीय सेना द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के अंदर व पीओके में धमाका कर उन्हें नष्ट किया। ऑपरेशन सिंदूर सेना के पराक्रम व सूझबूझ का बहुत बड़ा परिचय है। ऑपरेशन सिंदूर सेना व जनता के आपसी सहयोग का बहुत बड़ा उदाहरण है। भारतीय जनमानस ने भी सेना के मनोबल को बढ़ाने का कार्य किया है। नागरिकों के द्वारा भी निर्देशों की पालना की गई है। इसलिए सभी धन्यवाद के पात्र है। ऑपरेशन सिंदूर व उसके बाद के कार्यक्रमों को देश और विदेश में भी सराहा गया है। इन सभी घटनाओं से सेना के गौरव में और बढ़ोतरी हुई है और देश-विदेश में देश का मान सम्मान भी बढा है। उन्होंने कार्यक्रम के लिए मातृशक्ति की सराहना की।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर मांगीलाल बंसल, नृत्य गोपाल मित्तल, भोजराज सारस्वत, राजेंद्र प्रजापत, पुखराज सांखला, बालकिशन, मेघराज, गणेश त्रिवेदी, रामनिवास झाड़वाल, राधेश्याम टोगसिया, रामेश्वर सारस्वत, नंदकिशोर खङलोया, सुखदेव मनिहार, श्रद्धानंद तिवारी, शोभा सारडा, अंजलि, राधिका, मधु सोनी, निशा कङेल, सुमित्रा व्यास, प्रभा शर्मा, मघी वैष्णव, सुधा अग्रवाल, बसंती राठी, सरिता जोशी व पिकांक्षा देवड़ा सहित गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।




