बांसवाड़ा पुलिस द्वारा जप्त 47 वाहन व बैल छु़ड़ाने के लिए नागौर में भाकिस का धरना दूसरे भी रहा जारी

प्रशासन

भारतीय किसान संघ ने इस मुद्दे को लेकर अनिश्चितकालीन धरना पशु प्रदर्शनी स्थल पर जारी रखा

बीकानेर // नागौर पशु मेले से खरीदे गए बैलों को विभिन्न राज्यों में ले जा रहे किसानों के 47 वाहनों को व बैलों को जब्त करने के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन ने बांसवाड़ा पुलिस के खिलाफ यहां पशु प्रदर्शनी स्थल पर धरना शुरू कर दिया। ये अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार का दूसरे दिन भी जारी रहा।

भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष अर्जुनराम लोमरोड़ ने बताया कि सरकार द्वारा विधिवत मेड़ता में भरे गए पशु मैले से महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश आदि राज्यों के छोटी जोत के किसान कृषि कार्य के लिए बैल खरीदकर ले जाते है। परंतु वैध दस्तावेजों के बावजूद बांसवाड़ा पुलिस द्वारा जप्त 47 वाहनों को बैल सहित जप्त कर लिया है। इसे छुडाने के लिए अब नागौर पर 18 जून को अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। नागौरी नस्ल के बेल कृषि कार्य के लिए ही खरीदे जाते है न कि काटने के लिए, क्योंकि मांस से कम पैसे मिलेंगे। यदि सरकार ने समय रहते ध्यान नहीं दिया तो नागौरी नस्ल के गोवंश पर भारी संकट आ जाएगा। और किसानों और पशुपालकों की एक बड़ी आय का श्रोत बंद हो जाएगा।
उपाध्यक्ष प्रेमसुख जाजड़ा ने कहा कि दिनांक 13.04.2025 को नागौर जिला प्रशासन की अनुमति से मेड़तासिटी से 47 गाड़ियों में किसानों के बैल भरकर पुलिस ऐसकोर्ट के साथ रवाना हुए परंतु बांसवाड़ा में पुलिस द्वारा गौशाला में चारा व पानी का बोलकर गाड़ियां खाली करवाई गई, तथाकथित गौरक्षकों ने ड्राइवरों के साथ मारपीट कर गाड़ियों में रखे त्रिपाल, जैक, चार्जर और अन्य समान भी लूट लिए। पुलिस ने भी 3-4 दिन तक पुलिस ने किसानों/गाड़ी ड्राइवरों को गुमराह किया कि आपके कागजात सही है आप पर कोई कार्यवाही नहीं होगी। तथाकथित गौरक्षकों के दबाव में 4 दिन बाद में इन पर मुकदमा दर्ज कर जेल में डाल दिया। वहां 28 दिन की जेल काटकर जमानत से बाहर आए तब से गाड़ियों को छुड़ाने के लिए गाड़ी मालिक 7 बार बांसवाड़ा जा चुके हैं और जिला कलक्टर बांसवाड़ा इंद्रजीत यादव द्वारा मई और जून में 7 तारीखें दी जा चुकी है फिर भी गाड़ियां छोड़ने का निर्णय नहीं किया जा रहा है। अंतिम तारीख 16 जून को थी परन्तु मौखिक रूप से फिर से 20 जून बढ़ा दी। वहीं डराने एवं दबाव में लेने के लिए गाड़ी मालिकों को लाखों रूपये के अवैधानिक रूप से जुर्माने के नोटिस न्यायालय में गौशालाओं द्वारा दिए जा रहे हैं।
जाट समन्वय समिति के अध्यक्ष डॉ शंकरलाल जाखड़ ने कहा कि जिला प्रशासन और सरकार के स्थानीय जनप्रतिनिधियों से बात के बावजूद कोई परिणाम नहीं निकला है। गाड़ियों और बैलों को छोड़ा जाकर वास्तविक मालिक को सौंपा जाए। किसान यूनियन के प्रतिनिधि मंडल ने जिला कलेक्टर नागौर के माध्यम से उपराष्ट्रपति, मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, किसान आयोग के अध्यक्ष सी आर चौधरी, मंत्री विजय सिंह चौधरी, मंत्री मंजु बाघमार, डॉ ज्योति मिर्धा, मुख्य सचिव, खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा, मेड़ता विधायक लक्ष्मणराम कलरू को ज्ञापन दिये।

ये रहे आज धरने पर मौजूद

धरना स्थल पर आज पूर्व प्रधान अखाराम बागड़ियां, प्रतापदान छीला, माणकचन्द गोगेलाव, श्रवण सिंह छापडा, सोहन सिंह छापडा, देवीलाल, मोनू, प्रवीन कुमार, नैदीत व राजपाल हरियाणा, ओमाराम सूरसागर, रामदेव, कैलाशराम, मादाराम व माणकराम डेहरु, गोदाराम जोशियाद, सुमेरसिंह भदाणा, महेन्द्रसिंह सालवाखुर्द, शरुपसिंह कास्टि, तेजपाल बुढी, सीताराम सियाग बालवा, विजेन्दसिंह सींगङ, ओमप्रकाश भाकल भाकरोद, छोटाराम बुगासरा छावटा, ओमप्रकाश, हमीद गौरी व मास्टर हमीद नागौर धरने पर बैठे।