ऑनलाइन काउंसलिंग में मंत्रालयिक कर्मचारियों अधिकारियों को पदोन्नति नहीं देने का विरोध

शिक्षा

बीकानेर // शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ राजस्थान-बीकानेर के प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केन्द्रीय कानून मंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, शिक्षा सचिव एवं शिक्षा निदेशक को पत्र भेजकर ऑनलाइन काउंसलिंग के जरिये दी जा रही पदोन्नति से मंत्रालयिक कर्मचारी व अधिकारियों को वंचित रखने का विरोध किया है।

आचार्य ने पत्र में लिखा है कि विभाग द्वारा एक तरफ शिक्षकों तथा प्रधानाचार्य एवं समकक्ष पदों पर पदोन्नतों को आनलाईन काउंसलिंग प्रक्रिया से पदस्थापन दिया जा रहा है वहीं दूसरी ओर मंत्रालयिक संवर्ग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इससे वंचित रखा जा रहा है एक ही विभाग में दोहरा मापदंड अपनाया जाना न्याय एवं प्रशासनिक दृष्टि से उचित नहीं है।

कर्मचारी नेता कमल नारायण आचार्य ने बताया कि पत्र में पुरजोर मांग की गई है कि शिक्षा विभाग द्वारा 2025-26 में की जा रही मंत्रालयिक संवर्ग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नियमित डीपीसी एवं रिव्यु डीपीसी के पश्चात पदस्थापन शिक्षा निदेशालय सहित प्रदेश के समस्त कार्यालयों, संस्थानों एवं शालाओं में उपलब्ध पदों को शत-प्रतिशत रिक्तियां प्रदर्शित करते हुए पारदर्शिता पूर्वक आनलाईन काउंसलिंग प्रक्रिया माध्यम से सुनिश्चित करवाने का कष्ट करें जिससे अल्पवेतन भोगी कर्मचारियों को अपने गृह जिले से बाहर नहीं जाना पड़े एवं एकल महिला, परित्यक्ता, विधवा व असाध्य रोग से पीड़ित कार्मिकों को राहत मिल सके।

उन्होंने बताया कि शिक्षा निदेशक के नाम का पत्र संयुक्त निदेशक (प्रशासन) जगवीर सिंह यादव को सौंप कर वार्ता की गई वार्ता में संध के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष नवरतन जोशी भी शामिल रहे।