



वरिष्ठ कवि-कथाकार प्रमोद कुमार शर्मा के उपन्यास ‘सिज़ोफ़्रेनिक’ का हुआ लोकार्पण
बीकानेर // न्यू डेमोक्रेटिक राइटर्स गिल्ड बीकानेर एवं बीकानेर साहित्य संस्कृति कला संगम के संयुक्त तत्वावधान में वरिष्ठ कवि-कथाकार एवं आकाशवाणी बीकानेर के पूर्व उद्घोषक प्रमोद कुमार शर्मा के नए उपन्यास ‘सिज़ोफ़्रेनिक’ का लोकार्पण समारोह महाराजा नरेंद्र सिंह ऑडिटोरियम, नागरी भण्डार में संपन्न हुआ।
संस्थापक अध्यक्ष क़ासिम बीकानेरी के अनुसार समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि-कथाकार कमल रंगा ने की। अध्यक्षीय उद्बोधन में रंगा ने कहा कि सिज़ोफ़्रेनिया जैसी जटिल बीमारी पर आधारित यह उपन्यास विश्व के चर्चित उपन्यास ‘द वेजेटेरियन’ की तरह महत्वपूर्ण है और इससे हिंदी साहित्य की उपन्यास विधा समृद्ध हुई है।
मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार कृष्ण कल्पित ने इसे आत्मकथ्यात्मक कृति बताते हुए कहा कि लेखक ने अवसाद के बीच भी अपनी रचनात्मकता को जीवित रखा है। स्वयं को स्वयं से अलग कर लिखना अत्यंत कठिन कार्य है, जो उपन्यास में स्पष्ट झलकता है।
विशिष्ट अतिथि समालोचक मालचंद तिवाड़ी ने कहा कि लेखक ने त्रासद परिस्थितियों में भी जीवट का परिचय देते हुए अपनी पीड़ा को प्रामाणिक रूप से प्रस्तुत किया है। युवा कवि मनमीत सोनी ने इसे प्रयोगधर्मी और भारतीय वाङ्मय में महत्वपूर्ण अभिव्यक्ति बताया। वहीं कवयित्री-कथाकार इंजीनियर आशा शर्मा ने कहा कि उपन्यास में आत्मकथा की झलक के साथ लेखक का साहस प्रभावी रूप से उभरता है।
युवा कवि विप्लव व्यास ने पत्रवाचन करते हुए उपन्यास को सत्य के सशक्त प्रस्तुतीकरण का माध्यम बताया। कार्यक्रम का संचालन क़ासिम बीकानेरी ने किया। इस अवसर पर लेखक प्रमोद कुमार शर्मा ने उपन्यास के अंशों का नाट्य रूपांतरण प्रस्तुत कर अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। आयोजन संस्था द्वारा लेखक का शॉल व माला से सम्मान किया गया तथा अतिथियों का भी अभिनंदन किया गया। अंत में राजेश मोहता ने धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह में साहित्य एवं कला जगत की अनेक हस्तियां उपस्थित रहीं।




