11 हजार खेजड़ी पौधों का एक साथ रोपण, खेजड़ली उत्सव में उमड़ा जनसैलाब

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न्यायपालिका, संत समाज, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों और 363 महिलाओं की भागीदारी; पर्यावरण संरक्षण का लिया सामूहिक संकल्प

बीकानेर // सुजानदेसर स्थित काली माता मंदिर के पास रविवार को आयोजित खेजड़ली उत्सव पर्यावरण संरक्षण का ऐतिहासिक जनआंदोलन बन गया। बीकानेर वैचारिक जागरण मंच के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में एक ही समय पर 11 हजार खेजड़ी पौधों का सामूहिक रोपण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया। न्यायपालिका, प्रशासन, संत समाज, शिक्षाविद, सामाजिक संस्थाएं, उद्योग जगत, पर्यावरण प्रेमी और हजारों नागरिकों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

मंच के अध्यक्ष एडवोकेट अजय कुमार पुरोहित ने बताया कि कार्यक्रम में समाज के हर वर्ग की अभूतपूर्व भागीदारी रही। हजारों लोगों ने केवल पौधे लगाने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि उनके संरक्षण और नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया।

कार्यक्रम में न्यायपालिका की गरिमामयी उपस्थिति रही। पूर्व न्यायाधीश मानक मोहता, जिला एवं सेशन न्यायाधीश अश्वनी विज, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मांडवी राजवी, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश रमेश ढालिया तथा एसीडी अमित कडवासरा सहित कई न्यायिक अधिकारियों ने स्वयं पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

उत्सव में पद्मश्री श्याम सुंदर पालीवाल और पद्मश्री हिम्मताराम भांभू की प्रेरक उपस्थिति रही। संत समाज से राष्ट्रीय संत सरजूदास महाराज, स्वामी विमर्शानंद महाराज, स्वामी रामेश्वरानंद महाराज तथा स्वामी भागीरथ दास शास्त्री ने पर्यावरण संरक्षण को धार्मिक और सामाजिक दायित्व बताते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।

शैक्षणिक संस्थानों की ओर से राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास, विश्वविद्यालय के डीन, अधिकारी और कर्मचारी, स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय तथा महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।

कार्यक्रम में बीकानेर जिला माइंस एसोसिएशन, बीकाजी फूड इंटरनेशनल, विनोद कुमार बोथरा, दिलीप कुमार बोथरा, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, लोटस डेयरी, श्रीराम पापड़ के नारायण शिर्मी, आईसीएसआई बीकानेर चैप्टर, नक्षत्र पब्लिक ट्रस्ट, ऑवर फॉर नेशन और बार एसोसिएशन बीकानेर सहित अनेक संस्थाओं ने सहयोग दिया।

विश्नोई समाज और पर्यावरण संरक्षण आंदोलन से जुड़े परसाराम बिश्नोई, सुभाष बिश्नोई, निर्मा बिश्नोई, शारदा बिश्नोई, बनवारीलाल डेलू, ओमप्रकाश, देवीलाल रामधन, सुरवीर मोदी तथा अखिल भारतीय विश्नोई महासभा के सचिव रूपाराम की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

सामाजिक एवं जनप्रतिनिधि वर्ग से कन्हैयालाल बोथरा, टेकचंद बरड़िया, नगर निगम के एईएन सुरेंद्र कुमार चौधरी, लक्खू गहलोत, कनक चौपड़ा, बंशीलाल तंवर, डीसी गहलोत, शिवकरण डेलू, मोखराम धारणिया, गुड्डी देवी, भाजपा शहर जिलाध्यक्ष सुमन छाजेड़, सुधा आचार्य, विजय आचार्य, हेम शर्मा, गजेंद्र सिंह सांखला, मनोज सेवग, मिलन गहलोत, बार सचिव हेमंत सिंह चौहान, एडवोकेट सुखदेव व्यास, भंवर बिश्नोई, अरविंद डोगीवाल, प्रेम बिश्नोई, पवन कुमार व्यास, प्रशांत तंवर और मनीष सांखला, बनवारी लाल शर्मा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

उत्सव का सबसे भावनात्मक दृश्य तब देखने को मिला जब 363 महिलाओं ने पारंपरिक नगाड़ों और लोक वाद्ययंत्रों की मंगलध्वनि के बीच खेजड़ी के पौधे रोपे। यह संख्या अमृता देवी बिश्नोई और खेजड़ली बलिदान की ऐतिहासिक विरासत की याद दिलाती रही।

समापन पर रोटरी क्लब के विपिन चड्ढा ने आयोजन को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए मंच की सराहना की। अध्यक्ष अजय कुमार पुरोहित और राष्ट्रीय संत सरजूदास महाराज ने सभी न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों, संत समाज, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों, मीडिया प्रतिनिधियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि खेजड़ी केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि राजस्थान की संस्कृति, पर्यावरण और जीवन का आधार है। जनसहभागिता से शुरू हुआ यह अभियान भविष्य में हरित राजस्थान की दिशा में मजबूत जनआंदोलन बनेगा।