पहली बार बनाए जा रहे हैं जिलैरी सहित सवा लाख पार्थिव शिवलिंग, 250 भक्तों की टीम 12 घंटे जुटी रहती है अनुष्ठान में

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बीकानेर // सावन माह मिट्टी के सवा लाख शिवलिंग तो हर बार बनते हैं लेकिन इस बार बीकानेर में जिलैरी सहित सवा लाख शिवलिंग का निर्माण हो रहा है। गोपेश्वर बस्ती स्थित मोदी कुआं स्थित जंगलेश्वर महादेव में पिछले करीब 10 दिन से जिलैरी सहित पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण किया जा रहा है।

मंदिर से जुड़े शिव भक्त किशन मोदी ने बताया कि बीकानेर में पहली बार जिलैरी सहित शिवलिंग बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मेरे मन में विचार आया कि सावन के महीने में भक्त केवल शिवलिंग ही क्यों बनाते हैं। भगवान शिव की पूजा करने वाले भक्त साथ में मां पार्वती की पूजा करें तो अधिक फलदायी होती है। पंडितों से पूछने और आध्यात्मिक किताबों से जानकारी मिली कि शिवजी जिस जगह विराजित रहते हैं यानी जिलैरी वह मां पार्वती का ही रूप है। तभी से ये ख्याल आया कि अब तो सावन के महीने में जिलैरी सहित सवा लाख पार्थिव ही बनाएंगे। फिर हमारे सामने यह समस्या आई कि जिलैरी वाला एक शिवलिंग बनाने में करीब आधा घंटे का समय लगेगा। ऐसे में एक आदमी एक दिन में ज्यादा से ज्यादा चार पांच दर्जन ही बना पाएगा। ऐसे में संचे बनवाने का विचार आया। पहले बीकानेर में संचे की तलाश की तो किसी ने बताया कि ऐसा सोचा तो काशी, बनारस या उज्जैन में कहीं मिलेगा। इसी सोच के साथ मैं तीनों जगहों पर पहुंचा। आखिर में मुझे उज्जैन में जिलैरी वाले शिवलिंग का संचा मिला। मैंने वहां से 10 संचे लिए और बीकानेर आ गया। फिर यहां बात कर 225 संचे और तैयार करवाए। इसके बाद बीकानेर में अपने साथियों को इसके बारे में बताया तो सभी ने मेरा हौंसला बढ़ाया और सावन शुरू होने से पहले साथ खड़े हो गए। कोलायत से मिट्टी मंगवाईं गई। सावन शुरू होते ही जंगलेश्वर महादेव की कृपा से जिसे भी हमारे अनुष्ठान के बारे में पता चला अपने आप जुड़ता चला गया। अब 250 भक्त 12 घंटों तक अनवरत जिलैरी वाले शिवलिंग बनाने में जुटे रहते हैं। पार्थिव शिवलिंग बनाने में पांच साल के बच्चे से लेकर 80 साल तक की महिलाएं और पुरुष शामिल हैं।

मोदी ने बताया कि पहले दिन जहां 1100 पार्थिव शिवलिंग बने जो बढ़ते बढ़ते अब प्रतिदिन 7100 का आंकड़ा छू रहा है। प्रतिदिन बनने वाले शिवलिंग का अगले दिन 11 पंडितों द्वारा सामूहिक रूद्राभिषेक किया जाता है। सावन के अंतिम दिन इन शिवलिंगों को को कपिल सरोवर भी विसर्जित किया जाएगा। प्रतिदिन बनने वाले शिवलिंगों को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ रखा जा रहा है। मोदी ने बताया कि शिवलिंग तीन रंगों में तैयार किए जा रहे हैं।
ये शिवभक्त जुटे हैं जिलैरी वाले पार्थिव शिवलिंग बनाने में

अविनाश मोदी, वैभव मोदी, किसन मोदी, सावित्री मोदी, झंवर लाल मोदी (खत्री), मोनिका मोदी, महेश शर्मा, विकास मोदी, भंवर महाराज, पंकज व्यास, प्रहलाद व्यास, मयंक सूरदासानी, सरला मोदी, प्रवीण मोदी,शिव मोदी, किशोर मोदी, शिव मंगल गिरी (ऋषिकेश), रंजीत यादव, विष्णु मोदी, गौरी मोदी, अमरचंद सुथार, जयसिंह राजपुरोहित, मनीष पूनिया, लवलेश मोदी और लीलाधर महिया सहित करीब ढाई सौ शिवभक्त 12 घंटों तक जिलैरी वाले शिवलिंग बनाने में जुटे रहते हैं।