


होटल मरुधर में रक्तदान व रक्तदाता का महत्व विषयाक काव्य संगोष्ठी आयोजित
बीकानेर - पर्यटन लेखक संघ एवं महफिले-अदब के सौजन्य से गंगाशहर रोड़ स्थित होटल मरुधर हेरिटेज में "रक्तदान व रक्तदाता का महत्व" विषयक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी के संयोजक डॉ. जिया उल हसन कादरी ने बताया कि गोष्ठी की अध्यक्षता पूर्व प्रिंसिपल, चिंतक व लेखक प्रोफेसर डॉ. नरसिंह बिनानी ने की तथा गोष्ठी के मुख्य अतिथि शायर अमर जुनूनी थे। संचालन डॉ. जिया उल हसन कादरी किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व प्रिंसिपल, चिंतक व लेखक प्रोफेसर डॉ. नरसिंह बिनानी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति रक्तदान करके किसी की जिन्दगी बचा सकता है। रक्तदाता केवल रक्तदान करने वाला नहीं होता है, अपितु वह सम्पूर्ण समाज व देश का निस्वार्थ सेवा प्रदाता है। प्रोफेसर डॉ.बिनानी ने कहा कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति की तड़फती आहों व मन को द्रवित करती कराहों को राहत देने का सेवा कार्य रक्तदान है। इस अवसर पर उन्होंने रक्तदान के लिए प्रेरित करती अपनी काव्य रचना -

“रक्तदान होता महादान, रक्तदाता को करते सलाम,
देते वे निस्वार्थ है सेवा, मानव रूप में वे है देवा।” –
प्रस्तुत कर सभी को भावविभोर कर दिया । गोष्ठी के मुख्य अतिथि शायर अमर जुनूनी ने अपनी रचना प्रस्तुत की ।
गोष्ठी में वरिष्ठ शायर डॉ. जिया उल हसन कादरी, राजस्थान उर्दू अकादमी के पूर्व सदस्य असद अली असद, वरिष्ठ शायर जाकिर अदीब, हनुमंत गौड़ नजीर, धर्मेंद्र राठौड़ धनंजय आदि ने बहुआयामी शब्दों में अपनी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं से खूब वाही वाही लूटी । गोष्ठी का कुशल संचालन डॉ. जिया उल हसन कादरी ने किया । सभी का आभार असद अली ने ज्ञापित किया ।



