


28 लाख रुपए खर्च, जनसहयोग से हो रही खुदाई और घाटों का पुनर्निर्माण; वर्षों से मैदान बने तालाब को फिर लबालब देखने का सपना
बीकानेर // जिले के ऐतिहासिक कोडमदेसर तालाब का स्वरूप अब धीरे-धीरे निखरने लगा है। वर्षों से उपेक्षा का शिकार होकर सूखे मैदान में तब्दील हो चुके इस प्राचीन तालाब को पुनर्जीवित करने का जिम्मा अब स्थानीय युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उठाया है। कम्युनिटी वेलफेयर सोसाइटी के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान ने क्षेत्र में नई उम्मीद जगा दी है।


एक समय ऐसा था जब कोडमदेसर तालाब सावन की बारिश में लबालब भर जाता था और इसकी सुंदरता लोगों को आकर्षित करती थी। लेकिन पिछले कई वर्षों से तालाब सूखा पड़ा था और इसकी स्थिति लगातार जर्जर होती जा रही थी। अब सोसाइटी द्वारा तालाब के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू किए जाने के बाद यहां फिर से रौनक लौटती दिखाई दे रही है।
कम्युनिटी वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष कन्हैयालाल भाटी के नेतृत्व तथा संरक्षक राजकुमार किराडू के सानिध्य में युवाओं की टीम लगातार श्रमदान कर रही है। तालाब की खुदाई के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और जेसीबी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही जर्जर हो चुके घाटों का पुनर्निर्माण भी तेजी से चल रहा है।
समिति अध्यक्ष कन्हैयालाल भाटी के अनुसार के अनुसार अब तक इस कार्य पर करीब 28 लाख रुपए खर्च किए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 18 लाख रुपए की सहयोग राशि जनसहयोग से प्राप्त हुई है। शेष राशि समाजसेवियों और स्थानीय लोगों के सहयोग से जुटाई जा रही है। समिति ने आमजन से भी इस पुनीत कार्य में आर्थिक और श्रम सहयोग की अपील की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह जनसहयोग मिलता रहा तो आने वाले समय में कोडमदेसर तालाब फिर से अपनी पुरानी पहचान हासिल कर सकेगा और बरसात में एक बार फिर पानी से लबालब नजर आएगा।
ये टीम जुटी है इस अभियान में
तालाब पुनर्जीवन अभियान में युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। अभियान से जुड़े प्रमुख लोगों में बाळास्वामी, प्रियंका मोदी, पिंकी आचार्य, राखी रावत, मनसा रावत, मुकुंद व्यास, मनोज सेवग, भीमराव सेवग, भगवानराम गहलोत, पन्नालाल सोलंकी, मुरली पवार, सत्यनारायण कच्छावा, शशिकांत गहलोत, सांवरलाल कच्छावा, प्रेम कुमार गहलोत, हुकमचंद कच्छावा, जयप्रकाश पारीक, दीपक सोलंकी, साहिल बोड़ा, मनू सेवग और रोहन मोदी सहित अनेक युवा सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।



