


बीकानेर // विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, बीकानेर द्वारा स्वीकृत ग्रामीण उत्थान मानव संस्थान द्वारा संचालित
“अपना परिवार सेवा सदन” मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह (निराश्रित, असहाय एवं बेघर व्यक्तियों हेतु) चक गर्बी में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण उत्थान मानव संस्थान के संस्थापक रामेश्वर लाल बिश्नोई ने आश्रम परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए बिश्नोई ने कहा कि प्रकृति के प्रति प्रेम और संवेदनशीलता रखना प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। उन्होंने विकास कार्यों के नाम पर हो रही अवैध पेड़ों की कटाई पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई कर प्रभावी रोक लगानी चाहिए।
उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि जन्मदिन, विवाह, विवाह वर्षगांठ तथा अन्य खुशी के अवसरों पर पौधारोपण को परंपरा का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। साथ ही किसी भी कार्यक्रम में सम्मान स्वरूप गुलदस्ता भेंट करने की बजाय पौधा भेंट करने की संस्कृति को बढ़ावा दिया जाए, जिससे पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिल सके।
बिश्नोई ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम न होकर निरंतर चलने वाला अभियान होना चाहिए। पौधारोपण में संख्या से अधिक उनके संरक्षण और संवर्धन को महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई लोग केवल प्रचार-प्रसार और नाम कमाने के उद्देश्य से लाखों पौधे लगाने का दावा करते हैं, लेकिन उनकी देखभाल नहीं हो पाती। वास्तविक पर्यावरण प्रेमी वही है जो लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखे।
ये भी रहे मौजूद
कार्यक्रम में संस्थान की कार्मिक पूनम चौधरी, मुकेश चौधरी, हड़मत सिंह, मोनिका बिश्नोई, सुमन चौधरी, रजनी शर्मा, धीरज कुमार बिश्नोई, पूजा शर्मा, निरमा चौधरी, पवन शर्मा, श्रीकांत बिश्नोई, सोहनलाल, भंवर लाल, राजेश सोनी सहित आश्रम के सभी सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण एवं अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का संकल्प लिया।



