35 साल की तपस्या का सम्मान: गुरु गणेश लाल व्यास के शिष्यों का महाकुंभ, तीरंदाजी शिविर के समापन पर जुटे दिग्गज खिलाड़ी

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बीकानेर। द्रोणाचार्य शिक्षण प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान तथा संशोधन अघोर एवं पर्यावरण संरक्षण समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय निशुल्क तीरंदाजी शिविर का समापन रविवार को सम्मान समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि पिछले 35 वर्षों में गुरु गणेश लाल व्यास से प्रशिक्षण प्राप्त कर राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और विभिन्न सरकारी सेवाओं में अपनी पहचान बनाने वाले पूर्व खिलाड़ी एक मंच पर एकत्र हुए और अपने गुरु को नमन किया।
समारोह में उन खिलाड़ियों का सम्मान किया गया, जिन्होंने तीरंदाजी के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। सम्मानित होने वालों में हरदीप सिंह राजपूत, अनिल चांगरा, श्याम सुंदर स्वामी, भंवर लाल व्यास, जयप्रकाश व्यास, विक्रम रंगा, अनिल जोशी, क्रांति रंगा, अभिलाषा व्यास, दीपक रावत, रविकांत भाटी, योगेश्वर व्यास, सुनीता व्यास, सविता व्यास, चंद्रप्रकाश सेवग, आनंद स्वामी, रामनिवास चौधरी, दिनेश, यशवर्धन पुरोहित और आशीष आचार्य सहित अनेक पूर्व खिलाड़ी शामिल रहे। ये खिलाड़ी पिछले डेढ़ से दो दशकों से तीरंदाजी से जुड़े हुए हैं और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
गुरु गणेश लाल व्यास ने वर्ष 1990 में तीरंदाजी प्रशिक्षण की शुरुआत की थी। बीते 35 वर्षों में उन्होंने निरंतर बच्चों को प्रशिक्षण देकर खेल के क्षेत्र में नई प्रतिभाओं को तराशा। उनके मार्गदर्शन में तैयार हुए कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त की तथा अनेक खिलाड़ियों का चयन विभिन्न सरकारी सेवाओं में हुआ। उन्होंने बीकानेर के अलावा श्रीगंगानगर, पदमपुर, विजयनगर, रायसिंहनगर और हनुमानगढ़ क्षेत्र में भी प्रशिक्षण देकर 7 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार किए, जिनमें एक महिला खिलाड़ी भी शामिल है।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने गुरु गणेश लाल व्यास के योगदान को तीरंदाजी के विकास में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि राजस्थान में इस खेल को लोकप्रिय बनाने में उनकी भूमिका अविस्मरणीय रही है। संस्था के सचिव राहुल व्यास ने कहा कि आज बीकानेर और राजस्थान में तीरंदाजी को जो पहचान मिली है, उसमें गुरु गणेश लाल व्यास का महत्वपूर्ण योगदान है।
इस अवसर पर प्रशिक्षक लोकेश व्यास ने संस्थान की भावी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में द्रोणाचार्य तीरंदाजी संस्थान दो केंद्रों पर नियमित प्रशिक्षण दे रहा है। आने वाले समय में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और तीरंदाजी को जन-जन तक पहुंचाने के लिए बीकानेर में नए प्रशिक्षण केंद्र शुरू किए जाएंगे।
समारोह में सोमनारायण पुरोहित, हुकुमचंद ओझा, मदनमोहन छंगाणी, शिवशंकर छंगाणी, भुवनेश्वर ओझा और योग गुरु दीपक शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।