


कांग्रेस में अनिल कल्ला सबसे बड़े दावेदार, भाजपा अल्पमत में होने के बावजूद जोड़तोड़ में जुटी
प्रमोद आचार्य
बीकानेर // नगर निगम बीकानेर में महापौर के चुनाव 21 सितंबर को होने हैं, इसके लिए आज नामांकन की प्रक्रिया शुरू हुई। पहले दिन किसी ने भी नामांकन दाखिल नहीं किया। अब बुधवार को नामांकन का आखिरी दिन है और इसी दिन दावेदारों के नाम सामने आएंगे। महापौर पद को लेकर सियासी सरगर्मियां भी तेजी से चल रही है। शहर में कांग्रेस खेमे से वैसे अनिल कल्ला का नाम सबसे ऊपर चल रहा है मगर कल्ला के साथ साथ कांग्रेस में दिलीप बांठिया, धर्मवीर नाहटा, नवरत्न डागा, मकसूद अहमद व जावेद परिहार के नाम भी चल रहे हैं।
ये है चुनावी कार्यक्रम
महापौर चुनाव को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की संवीक्षा होगी। 18 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे, जबकि 19 सितंबर को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। महापौर पद के लिए मतदान 21 सितंबर को होगा।
अल्पमत होते हुए भी भाजपा की उलटफेर की फिराक में
नगर निगम चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस बहुमत में है तथा महापौर पद पर उसका दावा वाजिब भी है मगर भितरघात से कांग्रेस आशंकित भी है क्योंकि भाजपा उलटफेर के लिए प्रयासरत है। भाजपा ने भी कांग्रेस की तरह अपने जीते हुए पार्षदो की जोधपुर में बाड़ेबंदी कर रखी है जिससे शक साबित करता है कि वह उलटफेर करेगी। भारतीय जनता पार्टी भी इस मुकाबले को आसानी से छोड़ने के मूड में नजर नहीं आ रही है। पार्टी की ओर से भी अपने स्तर पर समीकरण साधने और संभावनाएं तलाशने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कांग्रेस में अनिल कल्ला की स्वीकार्यता बढ़ी
कांग्रेस खेमे में फिलहाल अनिल कल्ला का नाम महापौर की रेस में सबसे आगे हैं। उनके बाद नवरत्न डागा, जावेद पड़िहार, मकसूद अहमद, धर्मवीर नाहटा व दिलीप बांठिया के नाम पर भी कयासबाजी जारी है। शहरी चर्चाओं की बात करे तो आमजन अनिल कल्ला को ही अच्छे प्रशासक के रूप में देखता है। कारण कि, कल्ला पिछले 30 सालो से सक्रिय हैं। उनके चाचा डॉ बीडी कल्ला कई बार मंत्री रहे हैं वे कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष भी रहे हैं। ऐसे में अनिल कल्ला को लंबा राजनीतिक व प्रशासनिक अनुभव भी है। चूंकि मकसूद अहमद भी यहां महापौर व यूआईटी चेयरमैन रहे हैं सो वे भी कामकाज का तरीका जानते हैं। शेष दावेदार केवल जातीय समीकरण के हिसाब से सामने आ रहे हैं। इसलिए शहर में अनिल कल्ला की स्वीकार्यता बढ़ रही है क्योंकि वे कांग्रेस के फ्रेश मेयर साबित हो सकते हैं।
अब बुधवार को तस्वीर होगी साफ
बुधवार को नामांकन का अंतिम दिन होने के कारण राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि मैदान में वास्तव में कितने प्रत्याशी हैं और मुकाबला किस दिशा में जा रहा है। ऐसे में जी भी दावेदार होगा वो बुधवार को सामने आ जायेगा। इसके बाद बाड़ाबंदी में दोनों दल जोर आजमाइश करेंगे ओर 21 सितम्बर की शाम नया मेयर अधिकृत रूप से सबके सामने आ जायेगा।



