


के.डी. अस्पताल में हुए सफल ऑपरेशन; मरीजों व परिजनों के आने-जाने, रहने-खाने की पूरी व्यवस्था भी ट्रस्ट ने संभाली, अब तक 168 मरीजों को मिला लाभ
बीकानेर। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए राहतभरी पहल करते हुए सी.एम. मूंधड़ा फाउंडेशन ने 51 जरूरतमंद मरीजों का अहमदाबाद स्थित के.डी. अस्पताल में निशुल्क घुटना प्रत्यारोपण करवाया। सफल ऑपरेशन के बाद मरीजों के बीकानेर लौटने पर उनके चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास साफ नजर आया। मरीजों और उनके परिजनों ने कहा कि महंगे इलाज के कारण जो उपचार उनके लिए असंभव था, वह फाउंडेशन के सहयोग से संभव हो सका।
फाउंडेशन के मुख्य ट्रस्टी श्रीकिशन मूंधड़ा स्वयं अहमदाबाद से रेलमार्ग के जरिए मरीजों को लेकर बीकानेर पहुंचे। ट्रस्ट ने केवल ऑपरेशन का खर्च ही नहीं उठाया, बल्कि मरीजों और उनके साथ रहने वाले परिजनों के रहने, खाने-पीने तथा बीकानेर से अहमदाबाद और वापस आने-जाने की संपूर्ण व्यवस्था भी की।
फाउंडेशन की ओर से इससे पहले 117 मरीजों का निशुल्क घुटना प्रत्यारोपण कराया जा चुका है। इस नवीन चरण के साथ अब तक कुल 168 जरूरतमंद मरीजों को इस सेवा का लाभ मिल चुका है।
मुख्य ट्रस्टी श्रीकिशन मूंधड़ा ने कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य केवल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों को फिर से स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन देना है। उन्होंने कहा कि घुटनों के दर्द से परेशान मरीजों को दोबारा सामान्य जीवन जीते देखना संस्था के लिए सबसे बड़ी संतुष्टि है और ऐसे सेवा कार्य भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे।
सी.एम. मूंधड़ा चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने कहा कि चिकित्सा सेवा सबसे बड़ा सामाजिक सरोकार है। आर्थिक अभाव किसी भी व्यक्ति के उपचार में बाधा नहीं बने, इसी सोच के साथ ट्रस्ट लगातार स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में कार्य कर रहा है।
घुटना प्रत्यारोपण करवाकर लौटे मरीजों ने बताया कि लंबे समय से दर्द के कारण चलना-फिरना भी मुश्किल हो गया था। निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च वहन करना संभव नहीं था, लेकिन मूंधड़ा फाउंडेशन ने निशुल्क ऑपरेशन के साथ यात्रा और परिजनों की व्यवस्था कर उन्हें बड़ी राहत दी। उन्होंने फाउंडेशन की पूरी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब वे फिर से सामान्य जीवन जीने की उम्मीद के साथ अपने घर लौटे हैं।
इस अवसर पर वीरेंद्र किराडू, संतोष आसोपा, पवन पचीसिया, फिजियोथेरेपिस्ट भवानी शंकर तथा ऋषिराज रामावत सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।



