


एसटीडीसी अजमेर टीम ने जिला क्षय निवारण केंद्र का किया निरीक्षण, सौ दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा कर दिए निर्देश
बीकानेर // जिला क्षय निवारण केंद्र में शुक्रवार को राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत एसटीडीसी अजमेर के डायरेक्टर डॉ. इंद्रजीत सिंह और माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. तरुण पाटनी ने निरीक्षण किया। इस दौरान जिले में चल रहे टीबी उन्मूलन कार्यों और सौ दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की गई।
डॉ. इंद्रजीत सिंह ने जिले की सभी टीबी यूनिट्स के निक्षय इंडिकेटर्स का रिव्यू करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक टीबी मरीज की निक्षय आईडी बनाना और सीबीनाट/ट्रूनाट टेस्ट करवाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सभी मरीजों की पूरी जानकारी निक्षय पोर्टल पर दर्ज होना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने बताया कि जिले के सरकारी अस्पतालों में डीटीओ डॉ. मोदी के निर्देशन में नाट टेस्ट निशुल्क किए जा रहे हैं। वहीं डॉ. तरुण पाटनी ने कहा कि सरकारी और निजी दोनों प्रकार के टीबी मरीजों का नाट टेस्ट के साथ एक्स-रे करवाना भी जरूरी है।
बैठक में सौ दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि कैंपों में आने वाले आमजन के एक्स-रे किए जाएं तथा टीबी मरीजों को उपचार के लिए आवश्यक दवाइयां समय पर उपलब्ध करवाई जाएं।
डीटीओ डॉ. मोदी ने बताया कि जिले में टीबी मरीजों की नियमित काउंसलिंग की जा रही है।डब्ल्यूएचओ कंसलटेंट डॉ. सुधांशु खत्री ने टीपीटी की जानकारी दी। डीपीसी चिराग भार्गव ने टीबी सुपरवाइजर्स को निक्षय डेटा प्रबंधन संबंधी निर्देश दिए।
जिला समन्वयक विक्रम सिंह राजावत ने बताया कि टीबी उन्मूलन के लिए गांव-गांव और ढाणी-ढाणी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसमें ग्रामीणों, सरपंचों और जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। निरीक्षण और समीक्षा बैठक में टीबी क्लिनिक स्टाफ, टीबी सुपरवाइजर और लैब तकनीशियन मौजूद रहे।



