वैदिक संस्कारों से जुड़ रहे युवा, एक माह के शिविर का समापन

धर्म-कर्म

135 प्रशिक्षुओं ने सीखे रुद्राष्टाध्यायी, शिव तांडव व वैदिक स्तोत्र

सामूहिक रुद्राभिषेक के साथ हुआ ‘शिव पूज्याविधि’ पुस्तक का विमोचन

बीकानेर // वैदिक शिक्षा एवं संस्कारों के प्रसार के उद्देश्य से आयोजित एक माह के प्रशिक्षण शिविर का समापन शुक्रवार को रघुनाथ मंदिर में सामूहिक रुद्राभिषेक के साथ हुआ।

शिविर संयोजक पं. राजेन्द्र किराड़ ने बताया कि 11 मई से 12 जून 2026 तक चले इस शिविर में 135 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान रुद्राष्टाध्यायी के साथ शिव-महिम्न स्तोत्र, शिव ताण्डव, पंचाक्षर, रुद्राष्टक सहित विभिन्न वैदिक स्तोत्रों का अध्ययन करवाया गया।

समापन समारोह की अध्यक्षता दण्डी स्वामी शिवेन्द्राश्रम महाराज (ऋषिकेश) ने की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी को संस्कारों एवं वैदिक शिक्षा से जोड़ने के लिए गुरुकुलों और ऐसे समर कैंपों की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं को अनुशासित जीवन अपनाने का संदेश भी दिया।

पं. जुगलकिशोर ओझा पुजारी बाबा ने ब्राह्मण समाज के लिए नित्य त्रिकाल संध्या और गायत्री उपासना को आवश्यक बताया। नगर विधायक जेठानंद व्यास ने संस्था द्वारा समय-समय पर आयोजित शिविरों के माध्यम से युवाओं में वैदिक संस्कार विकसित करने के प्रयासों की सराहना की। समाजसेवी देवकिशन चांडक ने कहा कि इस प्रकार के शिविर ब्राह्मण समाज में संस्कारों को सुदृढ़ करने का कार्य कर रहे हैं और उन्होंने भविष्य में भी तन-मन-धन से सहयोग देने की बात कही।

कार्यक्रम में प्रशिक्षक प्रह्लाद व्यास का अभिनंदन किया गया। रुद्राभिषेक का कार्यक्रम पं. मुरलीधर पुरोहित, पं. संतोष व्यास एवं मदनगोपाल व्यास ने सम्पन्न करवाया। इस अवसर पर स्व. पुष्पा देवी की स्मृति में प्रकाशित पं. राजेन्द्र किराड़ द्वारा लिखित पुस्तक ‘शिव पूज्याविधि’ का विमोचन भी किया गया।

शिविर के आयोजन में देवकीनंदन, सेठी किराडू, भानू व्यास, शिवम् पुरोहित, हिमांशु किराड़ एवं जुगलकिशोर पुरोहित की विशेष भूमिका रही।