देवशयनी एकादशी पर दिल्ली से आए फूलों से होगा श्याम बाबा का विशेष श्रृंगार, चातुर्मास का होगा शुभारंभ

धर्म-कर्म

बीकानेर // आगामी 25 जुलाई 2026, शनिवार को देवशयनी एकादशी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान श्रीहरि विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं और इसी के साथ चार माह तक चलने वाले चातुर्मास का शुभारंभ हो जाता है। चातुर्मास के दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन सहित अधिकांश मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है तथा इस अवधि में पूजा-पाठ, जप, तप, दान, व्रत, कथा एवं सत्संग का विशेष महत्व माना जाता है।

देवशयनी एकादशी के पावन अवसर पर जयपुर रोड स्थित श्री श्याम बाबा मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। मंदिर को आकर्षक रूप से सजाया जाएगा तथा दिल्ली से मंगाए गए ताजे एवं सुगंधित फूलों से बाबा श्याम का भव्य विशेष श्रृंगार किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए पूरे दिन दर्शन की विशेष व्यवस्था रहेगी ताकि अधिक से अधिक भक्त बिना किसी असुविधा के बाबा के दर्शन कर सकें।

मंदिर में दिनभर भजन-कीर्तन, आरती और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन होगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। मंदिर स्टाफ की भी तैनाती की जाएगी, जिससे दर्शन व्यवस्था व्यवस्थित बनी रहे।

मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि देवशयनी एकादशी एवं अन्य अधिक भीड़ वाले धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से महिलाएं सोने के आभूषण पहनकर मंदिर न आएं। साथ ही सभी श्रद्धालु प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, कतारबद्ध होकर दर्शन करें तथा मंदिर परिसर में अनुशासन एवं स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग दें।

देवशयनी एकादशी को सनातन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक भगवान विष्णु एवं श्याम बाबा की आराधना करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है तथा जीवन में सुख, समृद्धि और मंगल की कामना पूर्ण होती है।