



जैन कॉलेज बैचमेट 1992-95 की पहल: भीषण गर्मी में पानी, हरा चारा और औषधीय लड्डू सेवा; गोचर भूमि की टंकियों की सफाई कर भरवाया मीठा पानी
बीकानेर // भीषण गर्मी के दौर में मूक प्राणियों की सेवा के उद्देश्य से जैन कॉलेज बैचमेट 1992-95 द्वारा संचालित ₹1 प्रतिदिन सेवा योजना के अंतर्गत रविवार को मुरलीधर गोचर भूमि एवं डेहरू माता जी मंदिर के सामने, एमजीएस यूनिवर्सिटी के पास नाल रोड स्थित गोचरभूमि में गौसेवा एवं जीवदया का विशेष सेवा कार्य किया गया।

सेवा अभियान के तहत गौवंश सहित हिरण, ऊंट, नीलगाय और अन्य मूक जीवों के लिए पानी के टैंकर, हरे चारे तथा विशेष औषधि मिश्रित औषधीय लड्डुओं की व्यवस्था की गई।
भीषण गर्मी में इस सेवा कार्य से बड़ी संख्या में पशुओं को राहत मिली।
कार्यक्रम का समन्वयन सीए विनोद पारख, नवीन पारीक और मुकेश पुरोहित ने किया। सेवा कार्य में शामिल सदस्यों ने जीवदया, गौसेवा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए सक्रिय सहभागिता की।
विशेष रूप से संघ सेवा समिति के सदस्यों ने गोचर भूमि में स्थित पानी की टंकियों की पूर्ण सफाई करवाई और उनमें शुद्ध एवं मीठा पेयजल भरवाया, ताकि पशु-पक्षियों को स्वच्छ पानी उपलब्ध हो सके।उपस्थित लोगों ने इस श्रमदान की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान गर्मी में इस प्रकार के सेवा कार्य अत्यंत आवश्यक हैं।
सदस्यों ने गोचर भूमि क्षेत्र में जल और चारे की व्यवस्था को और अधिक नियमित एवं व्यापक बनाने पर भी चर्चा की। समूह से जुड़े लोगों का कहना है कि मात्र ₹1 प्रतिदिन के सामूहिक सहयोग से समाज में “छोटा सहयोग — बड़ा सेवा संकल्प” की भावना मजबूत हो रही है और इसी माध्यम से जनसेवा, जीवदया, गौसेवा एवं पर्यावरण संरक्षण के कार्य निरंतर किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में विनोद पारख, नवीन पारीक, मुकेश पुरोहित, सुशील नागौरी, अमरचंद पारीक, गिरधारी सुथार, कार्तिक जोशी, कार्तिक आचार्य, राघव पुरोहित, गौरव सोनी, धनराज जोशी और दिव्यांशु पुरोहित सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।
इस सेवा कार्य में श्रीमती रेखा जैन–श्री मोहन जैन (दिल्ली), श्री मंदीप गोलछा–श्रीमती संजना गोलछा (दिल्ली) तथा श्री मनीष वर्मा (सोनी)–श्रीमती मधु वर्मा (सोनी) (जयपुर) का विशेष सहयोग रहा।



