महाराजा करणीसिंह की वसीयत प्रकरण में राज्यश्री कुमारी को मिला स्थगन आदेश

प्रशासन

वसीयत की संपतियों को कोई नही कर सकेगा खुर्द-बुर्द। एडीजे-3 ने आदेश किया जारी

बीकानेर // स्व. महाराजा डॉ करणीसिंहजी व स्व. राजमाता सुशीला कुमारी की वसीयत से ऐस्टेट के एडमिनिस्ट्रेशन की बाबत् लम्बित वाद में न्यायायालय अपर जिला न्यायाधीश, संख्या 3, बीकानेर ने राज्यश्री कुमारी के निवेदन पर स्थगन आदेश दिया है।

राजमाता सुशीला कुमारी जी के देहान्त के पश्चात सिद्धि कुमारी ने न्यायालय में अपनी भुआ प्रिंसेस राज्यश्री कुमारी व प्रिंसेस मधुलिका कुमारी वगैरह के खिलाफ एक वाद दायर बताया कि महाराजा डॉ करणीसिंहजी एवं राजमाता सुशीला कुमारी की वसीयत में वर्णित सम्पतियों पर नियन्त्रण एवं कब्जा महाराजा डॉ करणीसिंहजी की वसीयत के अनुसार एडमिनिस्ट्रेशन नियुक्त होने के नाते प्रतिवादीगण अर्थात राज्यश्री कुमारी के कब्जे व नियन्त्रण में है तथा प्रतिवादीगण द्वारा करणीसिंहजी की वसीयत के विरुद्ध आचरण किए जाने के आधार पर महाराजा करणीसिंहजी की वसीयत में वर्णित सम्पतियों की बाबत उन्हे एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त किया जाकर राज्यश्री कुमारी से उक्त सम्पतियों, हिसाब किताब का नियन्त्रण व कब्जा दिलाया जाए।

उक्त वाद में राज्यश्री कुमारी जी द्वारा एक अस्थायी निषेधाज्ञा प्रर्थना पत्र इस आधार पर पेश किया कि मूल वाद में सिद्धि कुमारी द्वारा माना है कि समस्त सम्पतियों एवं हिसाब किताब का नियन्त्रण एवं कब्जा बहैसियत एडमिनिस्ट्रेटर प्रतिवादी यानी राज्यश्री कुमारी के पास हैं तथा सिद्धि कुमारी अवैध रुप से उक्त सम्पतियों को खुर्द-बुर्द करने का प्रयास कर रही हैं एवं एडमिनिस्ट्रेटर राज्यश्री कुमारी को एडमिनिस्ट्रेशन करने में बाधा उप्तन करके सम्पतियों को खुर्द-बुर्द करने की धमकिया दे रही हैं।

उक्त प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के पश्चात माननीय न्यायालय एडीजे 3, बीकानेर द्वारा राज्यश्री कुमारी के एडमिनिस्ट्रेटर होने तथा सम्पतियों पर कब्जा एवं हिसाब किताब का नियन्त्रण होने के तथ्य को सही मानते हुए राज्यश्री के प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए महाराजा डॉ करणीसिंहजी की वसीयत में वर्णित तमात चल-अचल सम्पतियों की बाबत रहन, बय, मुन्तकिल, हस्तान्तरित करने से रोकने बाबत उभय पक्षकारान के विरुद्ध अस्थाई निषेधाज्ञा आदेश जारी किया है।

मूल वाद की वादिनी सिद्धि कुमारी ने भी अपने वाद में उक्त सम्पतियों का एडमिनिस्ट्रेटर महाराजा डॉ करणीसिंहजी की वसीयत के अनुसार राजमाता सुशीला कुमारी, महाराज अरविन्दसिंहजी, राजसिंहजी डूंगरपुर, नरीमन मानेकशा तथा राज्यश्री कुमारी का होना स्वीकार किया तथा सम्पतियों का कब्जा एडमिन्स्ट्रेटर में निहित होना स्वीकार किया। ज्ञातव्य हैं कि महाराजा डॉ करणीसिंह जी की वसीयत के उक्त सभी एडमिनिस्ट्रेटरान में से राज्यश्री कुमारी अकेली जिंदा एडमिनिस्ट्रेटर रही है।