‘बेटी बचाना सिर्फ कानून नहीं, समाज की जिम्मेदारी’: विधि महाविद्यालय में PCPNDT अधिनियम पर कार्यशाला, छात्र-छात्राओं को दिलाई नशामुक्ति की शपथ

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बीकानेर। कन्या भ्रूण हत्या और लिंग चयन जैसी सामाजिक कुरीतियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से राजकीय विधि महाविद्यालय, बीकानेर में मंगलवार को PCPNDT अधिनियम-1994 पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेश कुमार शर्मा ने अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि भ्रूण के लिंग की पहचान और लिंग चयन कानूनन अपराध है। उन्होंने पंजीकृत केंद्रों की जिम्मेदारियों तथा नियमों के उल्लंघन पर होने वाली कानूनी कार्रवाई की भी विस्तार से जानकारी दी।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. भगवान राम विश्नोई ने कहा कि बेटी और बेटे के बीच भेदभाव समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। कन्या भ्रूण हत्या केवल कानूनी अपराध नहीं, बल्कि गंभीर सामाजिक और नैतिक समस्या भी है। उन्होंने बालिकाओं के प्रति सम्मान और समानता का वातावरण बनाने का आह्वान किया।

कार्यशाला में नई किरण नशा मुक्त भारत अभियान के तहत महेश कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया और सभी को नशामुक्त रहने की शपथ दिलाई। वहीं रानी लक्ष्मीबाई प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से छात्राओं को आत्मरक्षा के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के अंत में प्रोफेसर डॉ. कुमुद जैन ने आभार व्यक्त किया। संचालन सहायक आचार्य एवं नोडल अधिकारी डॉ. रेखा आचार्य ने किया। इस दौरान महाविद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।