





जन मन काव्य यात्रा का दूसरा पड़ाव रहा स्व. मुरलीधर व्यास ‘राजस्थानी’ को समर्पित, शरद पूर्णिमा से एक रात पहले सजी साहित्यिक महफिल
बीकानेर, 25 अक्टूबर। ‘जन मन काव्य यात्रा’ का दूसरा पड़ाव शनिवार को कीकाणी व्यासों के चौक में आयोजित हुआ। शरद पूर्णिमा से एक रात पहले धवल चांदनी के बीच सजे इस आयोजन में कवियों और शायरों ने अपनी रचनाओं से ऐसा समां बांधा कि श्रोता देर रात तक कविता के रंग में डूबे रहे। दशकों बाद बीकानेर में कवि सम्मेलन आधी रात करीब 12 बजे तक चला और हर प्रस्तुति पर श्रोताओं ने तालियों और दाद के साथ रचनाकारों का उत्साह बढ़ाया।

रोटरी क्लब ऑफ बीकानेर रॉयल्स एवं प्रसार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक वर्षीय काव्य यात्रा का यह पड़ाव राजस्थानी भाषा के मूर्धन्य साहित्यकार स्वर्गीय मुरलीधर व्यास ‘राजस्थानी’ को समर्पित रहा।
राजस्थानी गीतों और हिंदी रचनाओं ने बांधा समां
काव्य संध्या का आगाज रिद्धिका व्यास ने मां को समर्पित रचना की प्रस्तुति से किया। विप्लव व्यास, आनंद मस्ताना और संजय आचार्य ‘वरुण’ ने राजस्थानी गीतों और कविताओं के माध्यम से लोकजीवन, संवेदना और अपनी माटी की महक को स्वर दिया। इरशाद अजीज ने आपसी प्रेम और भाईचारे को केंद्र में रखकर अपनी रचना प्रस्तुत की, वहीं मोनिका गौड़ एवं मनीषा अभी सोनी ने हिंदी के मधुर गीतों से श्रोताओं को भावविभोर किया।
पारंपरिक पाटों पर बैठे रचनाकार, चौक में एकाग्र होकर रचनाएं सुनते श्रोता और शरद पूर्णिमा से पहले की चांदनी में गूंजते काव्य स्वर—इस वातावरण ने आयोजन को बीकानेर की पारंपरिक साहित्यिक बैठकों की यादों से जोड़ दिया।
चौक-पाटों की काव्य परंपरा को पुनर्जीवित करने का प्रयास
कार्यक्रम संयोजक और प्रसार के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. हरि शंकर आचार्य ने बताया कि बीकानेर की मंचीय काव्य परंपरा को पुनर्जीवित करने और साहित्य को आमजन के बीच ले जाने के उद्देश्य से ‘जन मन काव्य यात्रा’ शुरू की गई है। सितंबर 2026 से अगस्त 2027 तक चलने वाली इस श्रृंखला के तहत प्रत्येक माह शहर के ऐसे मोहल्ले या चौक में काव्य सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जहां पाटे और चौक संस्कृति आज भी सामाजिक जीवन का हिस्सा हैं।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक आयोजन संबंधित क्षेत्र के दिवंगत मूर्धन्य साहित्यकार को समर्पित रहेगा और कार्यक्रम की अध्यक्षता भी उसी क्षेत्र के किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति से करवाई जाएगी। इस पहल के माध्यम से बीकानेर की साहित्यिक विरासत को सम्मान देने के साथ नई पीढ़ी को अपनी भाषा, संस्कृति और रचनात्मक परंपरा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
नए रचनाकारों को प्रोत्साहन देना सराहनीय : मांगीलाल व्यास
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मांगीलाल व्यास ने कहा कि नए लेखकों और रचनाकारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया जा रहा यह आयोजन सराहनीय है। ऐसे कार्यक्रम साहित्य को सभागारों तक सीमित रखने के बजाय आमजन के बीच ले जाते हैं। इससे नए रचनाकारों को मंच मिलता है और शहर की सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम के अंत में योगेश व्यास ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर वरिष्ठ कवि एवं कथाकार राजेंद्र जोशी, डॉ. गौरी शंकर प्रजापत, डॉ. नमामी शंकर आचार्य, हरीश बी. शर्मा, गोपाल व्यास, (काला महाराज), श्रीनाथ व्यास, सुरेंद्र व्यास, मधु सूदन व्यास, डॉ. चंद्र शेखर श्रीमाली, रोटरी क्लब ऑफ बीकानेर रॉयल्स के आनंद आचार्य, राजेश पारीक, सुरेंद्र जोशी, विनय बिस्सा सहित साहित्य एवं संस्कृति से जुड़े अनेक लोग उपस्थित रहे।
सुनारों की गुवाड़ में होगा तीसरा पड़ाव
‘जन मन काव्य यात्रा’ का तीसरा पड़ाव नवंबर के अंतिम रविवार को सुनारों की गुवाड़ में आयोजित होगा। यह आयोजन प्रख्यात साहित्यकार स्व. रामनरेश सोनी को समर्पित रहेगा। वरिष्ठ गीतकार मनीषा आर्य सोनी इस कार्यक्रम की संयोजक होंगी।



