किशन जसोदा कुंज में दुर्गाशंकर–पुष्पादेवी आचार्य की मेजबानी में तुलादान एवं वैतरणी संस्कार संपन्न

धर्म-कर्म

बीकानेर । आचार्य चौक स्थित किशन जसोदा कुंज में रविवार को दुर्गाशंकर–पुष्पादेवी आचार्य की मेजबानी में सनातन परंपरा के अनुसार तुलादान एवं वैतरणी संस्कार का श्रद्धा, भक्ति और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ आयोजन किया गया।

अनुष्ठान के लिए आकर्षक ढंग से हवन कुंड सजाए गए, जहां कर्मकांडी ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजन, हवन, तुलादान एवं वैतरणी संस्कार संपन्न करवाए। श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर पुण्य लाभ प्राप्त किया। पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण और भक्तिमय माहौल बना रहा।

हिंदू धर्म में तुलादान का विशेष महत्व है। इसमें व्यक्ति अपने भार के बराबर अन्न, फल, वस्त्र अथवा अन्य सामग्री का दान करता है, जिसे दान, सेवा और लोककल्याण का प्रतीक माना जाता है। वहीं वैतरणी संस्कार धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आत्मा की सद्गति, पितरों के कल्याण तथा मोक्ष की कामना के लिए किया जाने वाला महत्वपूर्ण अनुष्ठान है।

इस अवसर पर परिवार के सभी सदस्य, परिजन, रिश्तेदार एवं शुभचिंतक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने पूरे श्रद्धाभाव से पूजा-अर्चना एवं हवन में सहभागिता की। अनुष्ठान के समापन पर सामूहिक पूजन एवं महाआरती की गई। इसके पश्चात सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था, पारिवारिक आत्मीयता और सनातन परंपराओं के प्रति श्रद्धा का सुंदर संगम देखने को मिला।