


गांधी कॉलोनी में भूमि का आधिकारिक हस्तांतरण, सीमांकन के बाद संगठन ने लिया कब्जा; भवन बनेगा शिक्षा, सेवा, संस्कार और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र
बीकानेर। विप्र समाज के लिए शनिवार ऐतिहासिक दिन साबित हुआ। गांधी कॉलोनी क्षेत्र में समाजोत्थान भवन निर्माण के लिए राज्य सरकार द्वारा आवंटित भूमि का सीमांकन कर बीकानेर विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने आधिकारिक रूप से विप्र फाउंडेशन को सौंप दिया। सभी प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद संगठन ने भूमि का विधिवत कब्जा ग्रहण किया। इस मौके पर समाज के पदाधिकारियों और प्रबुद्धजनों ने इसे वर्षों के सामूहिक संघर्ष और एकजुटता की बड़ी सफलता बताया।

भूमि हस्तांतरण के बाद विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बीडीए उपायुक्त ऋषि सुधांशु पांडे का दुपट्टा ओढ़ाकर और मिठाई खिलाकर सम्मान किया। प्रदेशाध्यक्ष धनसुख सारस्वत ने कहा कि यह केवल जमीन का हस्तांतरण नहीं, बल्कि विप्र समाज के लंबे समय से संजोए गए सपने के साकार होने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित समाजोत्थान भवन भविष्य में शिक्षा, संस्कार, सामाजिक समरसता, सेवा, महिला सशक्तिकरण, युवा मार्गदर्शन और प्रतिभा प्रोत्साहन जैसी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा।
राष्ट्रीय सचिव भंवर पुरोहित ने कहा कि भवन के निर्माण से समाज को स्थायी मंच मिलेगा, जहां से जनकल्याण और सामाजिक जागरूकता के अनेक कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। वहीं, युवा प्रकोष्ठ प्रदेश संगठन महामंत्री दिनेश ओझा ने बताया कि कार्यक्रम में संगठन के प्रदेश एवं राष्ट्रीय पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे।
इस अवसर पर संस्थापक संयोजक सुशील ओझा के नेतृत्व और दूरदर्शी सोच की सराहना करते हुए उन्हें इस उपलब्धि का प्रमुख प्रेरणास्रोत बताया गया। साथ ही भूमि आवंटन की प्रक्रिया में सहयोग के लिए पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र भारद्वाज के योगदान का भी आभार व्यक्त किया गया। उपस्थित समाजजनों ने विश्वास जताया कि समाजोत्थान भवन का निर्माण विप्र समाज के संगठनात्मक इतिहास में नए युग की शुरुआत करेगा।



