क्षमा आध्यात्मिक शुद्धि का मार्ग है राज्यपाल ने कहा- मिच्छामि दुक्कड़म

धर्म-कर्म

जैन आचार्य नित्यानंद सूरीश्वर के सम्मान समारोह में हरीभाऊ बागड़े व गुलाबचंद कटारिया हुए शामिल

नागौर // नागौर शहर के नौ छतरियां दादावाड़ी में जैनाचार्य श्रीमद् विजय नित्यानन्द सूरीश्वर महाराज को पदमश्री से अलंकृत करने के उपलक्ष्य मे चातुर्मास के अवसर पर जैन समाज द्वारा आयोजित भव्य सम्मान कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल हरीभाऊ बागड़े की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर स्वामी नित्यानंद जी का विशेष अभिनंदन किया गया।

राज्यपाल बागड़े ने कार्यक्रम मे अपने संबोधन मे नागौरवासियों से मिच्छामि दुक्कड़म…मिच्छामी दुक्कड़म…कहते हुए आज तक की गई गलतियों की क्षमा याचना की। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का आदर्श इसी में झलकता है कि वह गलतियों पर क्षमा मांगता है। क्षमा पर्व मानवता का श्रेष्ठ उदाहरण है। इस दौरान उन्होंने राष्ट्र संत नित्यानंद महाराज को प्रणाम एवं वंदन करते हुए आशीर्वाद भी लिया। उन्होंने कहा कि क्षमा पर्व वह संस्कृति है जो मानवता समझने के लिए अपने आप को शुद्ध करने का मार्ग है, उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति मिटने वाली नहीं है। साधु-संतों के संस्कारों से हमारा जीवन सफल होता है। चातुर्मास स्वयं को निर्मल रखने का पर्व है ।‌ उन्होंने कहा कि शब्द हमारी संपत्ति है, इसका प्रयोग सोच समझकर करना चाहिए ।

राज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक इंसान में दो शक्तियां होती हैं, एक पशुता की तथा दूसरी दिव्यता की, हमको पशुता की शक्ति छोड़कर दिव्यता की शक्ति की ओर बढ़ने की जरूरत है । व्यक्ति का मन साफ होना चाहिए, क्रोध नहीं करना चाहिए। जो व्यक्ति ज्ञानवान होता है वो क्षमा का भाव रखता है, उन्होंने कहा कि हम सबको प्रण लेना चाहिए कि अनाज को व्यर्थ मे ना खराब करें ।

पंजाब और बिहार के राज्यपाल भी रहे उपस्थित

कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी मौजूद रहे। अपने संबोधन में पंजाब के राज्यपाल, गुलाबचंद कटारिया ने कहा- मैं खुद जैन धर्म का श्रावक हूं, इसलिए आज के कार्यक्रम में सभी अतिथियों का स्वागत करता हूं। वहीं बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा-भारतीय संस्कृति में लोगों ने हमेशा साधु-संतों से जीवन मूल्य सीखने का काम किया है।
वे बोले- सब कुछ इन दो आंखों से नहीं दिखता, क्योंकि इनसे सिर्फ विभिन्नता नजर आती है। इससे परे जाकर हम सबकी एक आत्मा को समझना जरुरी है, एकात्म को समझेंगे तो विश्व में सब लड़ाइयां समाप्त हो जाएगी। उन्होंने गीता का श्लोक सुनाकर बिहार की जनता की ओर से बिहार में करवाए गए विकास कार्यों के लिए सूरीश्वर महाराज का आभार जताया।

जैन मुनि विजय नित्यानंद सूरीश्वर ने दिए समाज के लिए चार संदेश

पहला: किसी का अहित नहीं करेंगे।
दूसरा: सेवा, करुणा और सहिष्णुता को अपनाएंगे।
तीसराः मानवता की सेवा से ऊंचा कोई काम नहीं है।
चौथा: अपने लिए जिए तो क्या जिए, जियो तो जियो हजारों के लिए।

नित्यानंद सुरीश्वर ने कहा आज विश्व में जब हिंसा, आतंकवाद और सांप्रदायिक संघर्ष बढ़ रहे हैं, ऐसे समय में राजनीति से जुड़े लोगों को अहिंसा का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।कार्यक्रम में विजय नित्यानंद सुरेश्वर को तीन राज्यों के राज्यपालों ने सोने की स्याही से लिखा अभिनंदन पत्र सौंपा।

पधारे सभी गणमान्य व्यक्तियों ने नित्यानंद सुरेश्वर का आशीर्वाद प्राप्त किया

कार्यक्रम में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, नागौर के जिला प्रभारी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी, प्रदेश की महिला बाल विकास विभाग की राज्यमंत्री डॉ. मंजू बाघमार, किसान आयोग अध्यक्ष सी आर चौधरी, सहकारिता राज्यमंत्री गौतम कुमार दक्ष व पूर्व विधायक मोहनराम चौधरी व भाजपा जिलाध्यक्ष रामधन पोटलिया भी उपस्थित रहे। साथ ही पाली के पूर्व सांसद पुष्प जैन वह महाराष्ट्र के राज्य मंत्री ललित गांधी भी उपस्थित रहे । सभी मेहमानों का स्वागत नागौर जैन समाज के अध्यक्ष अशोक समदड़िया द्वारा किया गया ।

सोमवार शाम को भी हुआ कार्यक्रम

इससे पहले सोमवार शाम को अभिनंदन समारोह के कार्यक्रम के तहत भक्ति संध्या और ड्रोन शो का आयोजन किया गया। इसमें बॉलीवुड स्टार सोनू सूद और टीवी सीरियल अनुपमा की रूपाली गांगुली ने शिरकत की । दोनों कलाकारों ने सूरीश्वर महाराज का आशीर्वाद लिया और इसके बाद नागौर के लोगों से संवाद भी किया।