ज़िला प्रशासन की लापरवाही ने बिगाड़ी सड़कों की सूरत, पैदल चलना भी हुआ दूभर

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बीकानेर के अधिकांश मुख्य मार्ग खड्डों में तब्दील, वाहन चालक परेशान

बीकानेर // प्रदेश में भाजपा को सत्ता संभाले 2 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं मगर अभी तक शहर में विकास का कोई बड़ा काम नही हुआ जिसे सरकार की उपलब्धि में गिनाया जा सके। उधर ज़िला प्रशासन की लापरवाही व शहर के दोनों विधायको की उदासीनता भी आमजन पर भारी पड़ रही है। पिछले साल सावन में हुई झमाझम बारिश के बाद भी प्रशासन ने सड़कों की कोई सुध नही ली। नतीजतन, इस बार मानसून ने समूचे शहर को खड्डों में तब्दील कर दिया है।

जानकारों का कहना है कि यदि सरकार विगत मानसून के बाद सड़को की मरम्मत करवा देती तो ये हालात नही होते। अभी तो आप बीकानेर के किसी भी मुख्य मार्ग पर निकलिए आपको हर जगह खड्डे ही खड्डे नजर आएंगे।

इन इलाकों में सड़कों की हालत खस्ता

जिले में हो रही बरसात के बाद सड़कों की जो हालत हुई है उसने शहर की सूरत ही बिगाड़ के रख दी है। शहर में ऐसी कोई सड़क नहीं बची जो उधड़ी ना हो। वाहन चालकों के साथ ही पैदल चलने वाले लोग भी परेशान हैं। कहीं सड़कें धंस गई हैं तो कहीं गिट्टियां उखड़कर बिखर गई हैं। शहर के मुख्य मार्गों सहित पंचशती सर्किल,जस्सूसर गेट,फड़बाजार रोड,जूनागढ़ के पास,नत्थूसर गेट, गंगाशहर, भीनासर, गोगागेट, रानीबाजार, कोटगेट, स्टेशन रोड, जेएनवी कॉलोनी, पवनपुरी कॉलोनी, गंगानगर रोड की सड़कें खस्ताहाल हैं। यहां की सड़कें जगह-जगह टूटी व उखड़ी पड़ी हैं। जिससे लोगों को आवाजाही में भी परेशानी होती है। एक-दूसरे से जोडऩे वाली सड़कों पर जगह-जगह पर गड्ढे हो रखे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी दुपहिया वाहन चालकों को हो रही है।

खस्ताहाल सड़को के लिए ये सभी दोषी

जिला कलेक्टर, पीडब्ल्यूडी अधिकारी, नगर निगम अधिकारी सहित बीकानेर के दोनों विधायक भी खस्ता हाल सड़कों के लिए पूर्णतया दोषी है। कलेक्ट्रेट में हर महीने खस्ता सड़कों पर बैठक होती है, चर्चा होती है उसके बाद कलेक्टर संबंधित विभागों को दिशा निर्देश भी देती है मगर दिशा निर्देशों का फॉलोअप नहीं होने से किसी भी जिम्मेदार विभाग ने खस्ताहाल सड़कों की सुध नहीं ली। ऐसे में पूरा शहर खड्डों में तब्दील हो गया। कमोबेश यही लापरवाही शहर के दोनों विधायकों ने की नतीजा यह हुआ कि आज किसी भी सड़क पर सुगमता से चलना मुश्किल हो गया है। खस्ता हाल सड़कों के लिए दोनों विधायक भी दोषी है उनकी उदासीनता की वजह से ही पूरा शहर परेशान हो रहा है मगर फिर भी नीचे से लेकर ऊपर तक कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जनता में धीरे-धीरे दोनों विधायकों व प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ रोष फैल रहा है।